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15 गांवों के 40 से ज्यादा किसानों की खराब फसलों के बीमा कंपनियों ने नहीं लिए आवेदन

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कृषि विभाग कार्यालय में आए विभिन्न गांवों के किसान। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। बीमा कंपनियों द्वारा नियमों की आड़ में किसानों के साथ हो रही लूट पर प्रशासन व सरकार का कोई ध्यान नहीं है। किसानों की फसलें खराब होने के बाद नियमों का हवाला देकर उनके बीमे के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे।
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ऐसा निडाना, मंगलपुर, खटकड़, उचाना खुर्द, कापड़ो, दरियावाला, कर्मगढ़, बधाना, बरसोला, झमौला, सुरबरा, नचारखेड़ा, उदयपुर, फुलियांखुर्द, दुर्जनपुर व सुरबरा गांव के 60 किसानों के साथ हुआ है। उनकी फसलें खराब होने पर विभाग ने उनके ऐसा ही रवैया अपनाया है। इन गांवों के किसानों ने बताया कि 23 व 24 सितंबर को बारिश होने के कारण उनके खेतों में पानी भर गया था। लेकिन 25 सितंबर को शनिवार व 26 को रविवार होने के कारण कृषि विभाग का कार्यालय नहीं खोला गया। इसके बाद 27 सितंबर को भारत बंद के कारण वह कृषि विभाग के कार्यालय नहीं पहुंच सके। जहां पर उनके आवेदन जमा होने थे। इसके बाद जब वह 28 सितंबर को जलभराव के कारण बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों को आवेदन देने के लिए गए तो उन्होंने आवेदन लेने से मना करके 72 घंटे के नियमों का हवाला दे दिया। जब उन्होंने इस बारे में सीएम विंडो पर शिकायत देकर प्रदेश सरकार से उनके आवेदन जमा करवाने की गुहार लगाई तो संबंधित अधिकारी उन सभी किसानों के पास फोन कर समझौते पर हस्ताक्षर करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं। जिसके चलते मंगलवार को सभी किसान एकत्रित होकर कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उनको नियमों का हवाला देकर आवेदन लेने से मना कर वापस भेज दिया।
जिला कृषि अधिकारी सुरेंद्र मलिक ने बताया कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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