जुलाना। गांव जैजैवंती के लोग स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रहे हैं। गांव में फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्यूबवेल के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है लेकिन इसमें टीडीएस की मात्रा 2500 से अधिक है, जिस कारण लोगों को चर्म रोग की शिकायत हो रही है। इसके अलावा अन्य बीमारियों से भी लोग घिर चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके गांव में पीने के स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जैजैवंती गांव की आबादी लगभग 2500 है। जिस पानी की आपूर्ति की जाती है वह काफी खारा है और इसमें टीडीएस की मात्रा 2500 से अधिक है। ऐसे में ग्रामीणों को काफी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांव में लगभग 80 प्रतिशत लोगों को चर्म रोग हो गए हैं लेकिन इस तरफ जनस्वास्थ्य विभाग का कोई ध्यान नहीं है।
ग्रामीण कुलदीप मलिक, परूथी, राजकुमार, रमेश कुमार, माया, सावित्री ने कहा कि विभाग की ओर से आपूर्ति किया जाने वाला पानी किसी लिहाज से पीने लायक नहीं है। उसे नहाने में प्रयोग करते हैं तो चर्म रोग हो रहे हैं। इस पानी को पशु भी नहीं पीते हैं। इसकी शिकायत कई बार जनस्वास्थ्य विभाग को की जा चुकी है। इसके अलावा सीएम विंडो व पीएम विंडो पर भी शिकायत भेजी गई है लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
पानी में टीडीएस की मात्रा 100 के आसपास होनी चाहिए। अगर पानी का टीडीएस इससे ज्यादा होगा तो चर्म रोग, दांतों, गले व पेट से संबंधित रोग हो सकते हैं। लंबे समय तक पानी पिया जाए तो गंभीर बीमारी हो सकती है।
---डॉ. राजेश भोला, डिप्टी सीएमओ, जींद।
गढ़वाली गांव में नहरी पानी पर आधारित जलघर बनाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य जारी है। इसी जलघर से गढ़वाली व जैजैवंती गांव में पीने का पानी सप्लाई किया जाएगा। ग्रामीणों ने अलग जलघर बनाने की मांग की है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। जल्द ही गांव में नहरी पानी पर आधारित जलघर बन जाएगा।
--नवीन नेहरा, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग जुलाना।