जींद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरकरामजी के अंतर्गत निडानी गांव में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने शनिवार को रैपिड फीवर मास सर्वे अभियान चलाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर पंफलेट बांटे।
टीम ने गांव के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया। उन्होंने बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर रक्त पट्टिका बनाई गई ताकि समय रहते मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सके। तेजवीर सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार आता है तो उसे नजरअंदाज न करें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
सुपरवाइजर विजेंद्र सिंह ने मलेरिया बुखार के लक्षणों की जानकारी दी। बताया कि ठंड लगने के साथ तेज बुखार आता है। जो बार-बार चढ़ता-उतरता है, गर्मी लगती है और फिर पसीना आकर बुखार उतर जाता है। थकावट रहती है, उल्टी व सिर दर्द होता है। संजय, अमित, संदीप उपाय बताते हुए कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। नीम के पत्तों का धुआं करें। इस अवसर पर सोनू, संत कुमार, जितेंद्र सैनी और कृष्णा मौजूद रहीं।