बद्दोवाल टोल प्लाजा धरनास्थल पर लोगों को संबोधित करती महिला किसान। संवाद
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बद्दोवाल टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसानों ने शनिवार को कहा कि अगर 25 जुलाई को नरवाना के एसडी स्कूल में भाजपा के जिलाध्यक्ष आते हैं तो उनका विरोध किया जाएगा। इसको लेकर रणनीति तैयार कर ली है।
किसानों ने कहा कि अगर भाजपा के नेता देश के भाईचारे को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो किसान आंदोलन के दौरान कोई सामूहिक कार्यक्रम आयोजित न करें। अगर वह कार्यक्रम करते हैं तो किसान विरोध के लिए तैयार हैं। नरवाना के कस्बे के एसडी स्कूल में सभी मंडल अध्यक्षों का एक सम्मेलन होने की किसानों को सूचना मिली है। इसके बाद से किसान विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार हुए हैं।
शनिवार को बद्दोवाल टोल प्लाजा पर संबोधित कर रहे नरेश दनौदा ने कहा कि हमारे लिए एकता व अनुशासन बहुत जरूरी है, क्योंकि हमारे आंदोलन को तोड़ने के लिए सरकार हर उस अदृश्य हथियार का इस्तेमाल कर रही है, जो हमारी जरा सी चूक के बाद आंदोलन पर हमला कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि सरकार की चुनौतियों का सामना करते हुए सरकार व सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध करें। उन्होंने कहा कि भाजपा व जजपा के नेता क्षेत्र में कार्यक्रम इसलिए आयोजित करते हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों के भाईचारे को तोड़कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक सकें। लेकिन किसान आंदोलन को नहीं तो राजनीतिक लोगों के इशारे पर चलेगा और न ही भाईचारे को टूटने देगा। जहां भी विरोध करेंगे वह शांतिपूर्ण होगा और सरकार के इशारे पर काम करने वाले प्रशासन पर किसानों का ध्यान रहेगा। क्योंकि सरकार प्रशासन की सहायता से नए नए षडयंत्र रच रही है और देश के जवानों को किसानों के साथ लड़ाने काम कर रही है। शनिवार को धरने में उपस्थित कई महिला व पुरूष किसानों द्वारा प्रस्तुत की गई रागनियों के माध्यम से सरकार का विरोध किया गया।
15 अगस्त को जनप्रतिनिधियों को नहीं करने दिया जाएगा ध्वजारोहण : सतबीर
खटकड़ टोल प्लाजा पर बैठे किसान नेता प्रधान सतबीर ने बताया कि वह इस बार तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर जिले में किसी भी जनप्रतिनिधि को ध्वजारोहण नहीं करने देंगे। जिले में ध्वजारोहण जिला प्रशासनिक अधिकारी ही कर सकेंगे। इस अवसर पर कैप्टन रणधीर चहल, बिजेंद्र संधू, कुलबीर मलिक, उमेद छापड़ा मौजूद रहे।