जींद। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दिए खरीफ फसल के ब्योरे का अभी तक सर्वे नहीं हुआ है। जिले में 90863 एकड़ खेत ऐसे हैं जिसका सर्वे नहीं हो पाया है। जिन किसानों की फसलों का सर्वे नहीं हुआ है उन्हें फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
जिले के 305 गांव के 67299 किसानों ने पोर्टल पर 443073 एकड़ फसल का ब्योरा दिया था लेकिन अब जिन किसानों की फसलों का सर्वे नहीं हुआ है उन्हें अपनी फसल को एमएसपी रेट पर बेचने में परेशानी आ रही है। वहीं पोर्टल पर 143676 एकड़ का ब्योरा गलत मिला है।
इसके अलावा जिन किसानों की फसलों का डाटा मिस मैच हो रहा है। उनके साथ भी यहीं समस्या आ रही है। इसको लेकर संबंधित जिला के राजस्व विभाग के अधिकारियों को डाटा मिस मैच की त्रुटियां ठीक करने में गंभीरता दिखानी होगी। यदि उन्होंने अभी भी गंभीरता नहीं दिखाई तो किसानों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
उनको फसल बेचने के लिए मार्किट कमेटी, जिला राजस्व विभाग और पटवारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं लेकिन तब तक उनकी फसल अनाज मंडी में पड़े-पड़े सूख जाएगी।
जिले में 5.85 लाख एकड़ जमीन कृषि योग्य
जींद जिले में लगभग 5.85 लाख एकड़ जमीन कृषि योग्य हैं। इनमें से 90 हजार एकड़ जमीन में नहरी पानी से सिंचाई की जाती है। बाकी किसान टयूबवैल या अन्य किसी माध्यम से काम चला रहे हैं। जिले में खरीफ की फसलों में धान, ज्वार, बाजरा, मूंग, ग्वार और नरमा की फसल उगाई जाती है। इनमें नरवाना और उचाना क्षेत्र में ज्यादातर मुख्य फसल नरमा और बाजरा है। इसके अलावा जुलाना, जींद, अलेवा, सफीदों और पिल्लूखेड़ा में धान की फसल की बिजाई होती है।
पोर्टल पर अपडेट डाटा मिस मैच का ब्योरा
पंजीकृत किसान-पंजीकृत क्षेत्र-मिस मैच क्षेत्र
अलेवा-6083-47560-14814
जींद-10523-65855-28448
जुलाना-6316-40651-10593
नरवाना-18448-115495-26437
पिल्लूखेड़ा-4948-34788-13011
सफीदों-6148-49904-11165
उचाना-14833-88818-39206
कुल-67299-443073-143676
वर्जन
डाटा मिस मैच से संबंधित शिकायतों का निपटान किया जा रहा है। निपटान के बाद किसानों को अपनी खरीफ की फसलें बेचने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद