जींद। नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की कमी होने के चलते शहर की सफाई कई कॉलोनियों में नियमित रूप से नहीं हो रही। कई काॅलोनियों में तो कचरा उठान के लिए डोर टू डोर जाने वाली गाड़ी भी नियमित तौर पर नहीं जाती। इसके अलावा सेक्टरों समेत शहर के पॉश एरिया में भी कचरे के ढेर लगे दिखाई देते हैं। शहर की लगभग दो लाख की आबादी के अनुसार 500 सफाई कर्मियों की जरूरत है, लेकिन नप के पास 189 ही सफाई कर्मी हैं।
शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए नप ने कई तरीके अपनाए, लेकिन सफाई व्यवस्था को बरकरार रखने में सफल नहीं हो पाई। कुछ समय पहले शहर की काॅलोनियों को चार जोन में बांटकर सफाई का काम शुरू किया था, लेकिन इससे भी सुधार नहीं हो पाया। शहर में डोर टू डोर कचरा उठाने के लिए 45 गाड़ियां हैं। यह गाड़ियां भी नियमित रूप से सभी काॅलोनियों व सेक्टरों में नहीं जा रही। इसके कारण लोग खुले में भी कचरा डालते हैं। इसके अलावा 25 ट्रैक्टर ट्राॅलियों को कूड़ा स्थल से उठान के लिए लगाया गया है। पहले शहर में कचरा डालने के 75 स्थान निर्धारित थे, लेकिन अब 13 स्थान बचे हैं। इसके अलावा नप ने 20 स्थान कूड़े को एकत्रित करने के बनाए हैं, जहां से प्रतिदिन उठान नहीं हो रहा। मुख्य क्षेत्रों से ही प्रतिदिन उठान होता है। इसके अलावा दो से तीन दिन में अन्य स्थानों से कूड़े का उठान करवाया जाता है।
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400 की आबादी पर एक सफाई कर्मी की जरूरत
नगर परिषद के मानक में सफाई व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मी की जरूरत होती है, लेकिन शहर की दो लाख से ज्यादा आबादी के लिए 189 सफाई कर्मी ही हैं। इसके कारण सभी क्षेत्रों में प्रतिदिन सफाई होनी संभव नहीं है।
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कचरा खुले में डालने वालों पर लगे जुर्माना
जो लोग शहर में कचरा खुले में डालते हैं। उन पर नगर परिषद को जुर्माना लगाना चाहिए। एक व्यक्ति के बार बार गलती दोहराने पर जुर्माना राशि में बढ़ोतरी होनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों के नाम व नंबर वार्ड के हर चौक पर चश्पा होने चाहिए। सफाई में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर भी जुर्माने का प्रावधान हो।
-ब्रह्मजीत सिंह देशवाल, पूर्व एसडीओ, बिजली निगम।
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कूड़े को कूड़ादान में ही डाले
शहर को साफ व स्वच्छ रखने के लिए कूड़े को कूड़ादान में ही डालने की आदत बनानी जरूरी है। इसको खुले में डालने की बजाय कूड़ा एकत्रित करने वाली गाड़ी में डाला जाए, ताकि इसका निस्तारण हो सके। इसके अलावा सीवर के ढक्कन ठीक करवाए जाएं, ताकि गंदा पानी गलियों में न बह सके। सड़क किनारे रिफ्लेक्टर लगवाए जाएं, ताकि धुंध में हादसों से बचा जा सके।
-मास्टर जोरा सिंह रेढू, सेव संस्था।
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नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की कमी है। इसके चलते कई कॉलोनियों तक सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसी कॉलोनियों को चिह्नित किया गया है। इसके बावजूद भी नगर परिषद हर संभव शहर की सफाई के लिए काम कर रही है। शहर के हालात लगातार सुधर रहे हैं। आमजन को भी चाहिए कि वह शहर को स्वच्छ बनाने में उनका सहयोग करे और खुले में कचरा न डाले। कचरे को गीला व सूखा अलग-अलग रखे और डोर टू डोर की गाड़ी में नियमित रूप से डाले।
-अनिल नैन, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, जींद।
08जेएनडी13: सब्जी मंडी में पडे़ कचरे के कारण फैली गंदगी। संवाद
08जेएनडी13: सब्जी मंडी में पडे़ कचरे के कारण फैली गंदगी। संवाद