28जेएनडी31: जगह न मिलने से कचरे से भरी खड़ी नगर परिषद की डोर टू डोर वाली गाड़ी। स्रोत राहगीर।
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नरवाना। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था ठप होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। पिछले तीन दिनों से शहर के अधिकांश वार्डों, कॉलोनियों और आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहन नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते लोग मजबूरी में घरों का कूड़ा खाली प्लॉटों, सड़क किनारे और नालों के पास डाल रहे हैं। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने से बदबू फैलने लगी है।
शहरवासियों का कहना है कि पहले नियमित रूप से डोर-टू-डोर गाड़ियां घरों से कूड़ा एकत्र करती थीं, जिससे गलियों और मोहल्लों में सफाई बनी रहती थी। लेकिन अचानक व्यवस्था रुकने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नगर परिषद की ओर से न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है और न ही कूड़ा डालने के लिए किसी निर्धारित स्थान की जानकारी दी गई है।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि बरसात का मौसम नजदीक है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गंदगी के कारण मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कई वार्डों में लोगों ने घरों के बाहर ही कूड़ा जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे राहगीरों को भी परेशानी हो रही है।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का कार्य देख रही फर्म के ठेकेदार ने काम रोक रखा है। फर्म का कहना है कि नगर में कूड़ा डालने के लिए कोई स्थायी डंपिंग प्वाइंट तय नहीं किया गया है। जहां अस्थायी रूप से कूड़ा डालने को कहा जाता है, वहां स्थानीय लोग विरोध करते हैं। कूड़े से भरे वाहन खड़े हैं।
रोजाना निकलता है 25 टन से ज्यादा कूड़ा
फर्म संचालक सुनील रेढू ने बताया कि शहर से प्रतिदिन 25 टन से अधिक कूड़ा एकत्रित होता है। इतने बड़े स्तर पर कूड़ा निस्तारण के लिए स्थाई जगह जरूरी है। उन्होंने कहा कि वाहनों का खर्च लगातार बढ़ रहा है और व्यवस्था बाधित होने से फर्म को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कूड़ा उठान व्यवस्था में आ रही परेशानी का जल्द समाधान किया जाएगा। कूड़ा डालने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है, ताकि डोर-टू-डोर सेवा फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।
–संदीप, सचिव, नगर परिषद।