हाथरस कांड को लेकर देश-प्रदेश के लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। आरोपियों को कड़ी और जल्द सजा देने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिलेभर में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान नरवाना में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने लघु सचिवालय के सामने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। 15 मिनट तक लगाए जाम जाम के दौरान प्रशासन के अनुरोध पर लोग सड़क से हट गए। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
नरवाना क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान लघु सचिवालय के सामने दिल्ली-पटियाला हाईवे पर जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घटना को लेकर देशभर में जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार इस मामले में कोई कदम नहीं उठा रही है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित के परिवार की आवाज दबाने के लिए शव का रात में अंतिम संस्कार कर दिया। जाम लगने की सूचना मिलते ही शहर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। जाम लगने के कारण वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों ने कहा कि इस मामले में केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। इस घटना के जिम्मेदार हाथरस जिले के डीएम और एसएसपी की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा करवाई जाय।
सरकार का पुतला फूंक कर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
हाथरस कांड को लेकर अनुसूचित जाति के विभिन्न सगठनों ने सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय के बाहर यूपी सरकार का पुतला फूंका। इससे पहले रानी तालाब पर विरोध सभा हुई, जिसमें बसपा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। देशराज सरोहा ने कहा कि अनुसूचित जाति के 131 सांसद हैं, जो आज खामोश हैं। जब यह लोग जनता के बीच आएंगे तो उनसे यह बात जरूर पूछी जाएगी। दलित अधिकार मंच हरियाणा राज्य कमेटी के सदस्य संदीप जाजवान ने कहा कि देश व समाज में इतनी ज्यादा बर्बरता आज तक नहीं सुनी थी। इस अवसर पर सुमेर जांगड़ा, जिले सिंह कश्यप, संदीप बराह, नरेश सोलंकी, जयदीप सिंहमार, कपूर सिंह, सुधीर शास्त्री, सुरेंद्र ग्रोवर और बनारसी दास मौजूद रहे।
हाथरस कांड के विरोध में माकपा ने किया प्रदर्शन
हाथरस कांड के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने सफीदों में प्रदर्शन किया। ब्लॉक प्रधान राधेश्याम की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका में एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद वहं से प्रमुख बाजारों से होते हुए महाराजा अग्रसेन चौक पर पहुंचे। राधेश्याम ने कहा कि तमाम दावों के बाद भी प्रशासन और सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं है। इस कांड में पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे में है, क्योंकि पीड़ित के परिवार की मर्जी के खिलाफ उसके शव का अंतिम संस्कार रात के अंधेरे में कर दिया गया। आरोपियों को जनता की अदालत में फांसी दी जानी चाहिए।
हाथरस कांड के विरोध में प्रदर्शन करते दलित संगठनों के सदस्य।- फोटो : Jind
हाथरस कांड को लेकर यूपी सरकार का पुतला फूंकते लोग।- फोटो : Jind