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Jind News: नौतपा नहीं हुई गर्मी, हर दिन कभी बूंदाबांदी तो कभी चली आंधी

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जींद। नौतपा के सात दिन बीतने के बावजूद इस बार गर्मी नहीं हुई। एक सप्ताह तक कभी बूंदाबांदी तो कभी तेज हवाओं के कारण तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं जा पाया। मंगलवार रात व बुधवार सुबह पश्चिमी विक्षोभ के चलते बूंदाबांदी तथा बारिश का सिलसिला जारी रहा। दिनभर आकाश में बादल छाए रहे और फुहार भी पड़ती रही। मौसम सुहाना बना रहा। तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
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बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्दता 58 प्रतिशत तथा हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान बूंदाबांदी होने की संभावना है। रात जिले में सबसे ज्यादा बारिश नरवाना में 17 एमएम हुई। जीद में पांच, जुलाना में छह, अलेवा में चार एमएम, पिल्लूखेड़ा में तीन एमएम, सफीदों में दो तथा उचाना में बूंदाबांदी दर्ज की गई। बूंदाबांदी फसलों के लिए फायदेमंद है। बारिश के कारण जींद शहर की टूटी सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया, जिससे लोगाें को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

पटियाला चौक पर बने गड्ढे
शहर का सबसे व्यस्तम पटियाला चौक पर सड़क पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं। बरसात के कारण इन गहरे गड्ढों में पानी भर गया। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पटियाला चौक से हांसी, हिसार, नरवाना, कैथल, कुरुक्षेत्र व अलेवा की तरफ वाहन जाते हैं। इसके अलावा काफी ग्रामीण भी शहर में इसी मार्ग से आते हैं। यहां गड्ढे होने के कारण कई वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल भी हुए।
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आज तक शहर के गड्ढों को नहीं भर पाई सरकार
जींद विकास संगठन के प्रधान डॉ. राजकुमार गोयल ने कहा कि सरकार के नुमाइंदे शहर में विकास को ढिंढोरा तो पीटते रहते हैं लेकिन आज तक शहर की सड़काें के गड्ढे नहीं भर पाए। पटियाला चौक, रेलवे रोड, रोहतक रोड, सफीदों बाईपास रोड, हांसी रोड की हालत इतनी खराब है कि यहां से वाहन चालकों काे निकलना मुश्किल हो जाता है।

ज्वार, बाजरा की बिजाई का उचित समय
पिछले तीन चार दिन से हो रही बूंदाबांदी के कारण ज्वार की फसल को काफी लाभ हुआ है। धान की पनीरी लगाने के लिए भी यह मौसम उपयुक्त है। इसके अलावा बाजरे की बिजाई इस मौसम की जाती है। कपास की फसल में खरपतवार का खतरा बढ़ गया है। इसलिए मौसम साफ होते ही किसान खरपतवार को निकाल दें।

दो जून तक मौसम परिवर्तनशील
पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि दो जून तक मौसम परिवर्तनशील है। इस दौरान बूंदाबांदी हो सकती है। किसान धान की पनीरी लगा सकते हैं तथा बाजरे की बिजाई के लिए भी यह उचित समय है।
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