जींद। बीड़ बड़ा वन स्थित आयुष हर्बल पार्क को औषधीय पौधों से समृद्ध करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन्यजीव विभाग की ओर से पार्क में लंबे और छोटे कद वाली औषधीय वनस्पतियों के पौधरोपण के लिए टेंडर जारी किया गया है। पौधरोपण कार्य करीब 10.07 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग ने पौधरोपण कार्य को पूरा करने के लिए 233 दिन की अवधि निर्धारित की है।
हरियाणा सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) कार्यालय के तहत हिसार के जिला वन्यजीव अधिकारी ने यह टेंडर जारी किया है। इसके तहत आयुष हर्बल पार्क में विभिन्न प्रजातियों के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। अलग-अलग ऊंचाई और प्रकृति वाली वनस्पतियों के रोपण से पार्क की हरियाली बढ़ेगी। यहां औषधीय पौधों की विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।
पार्क में औषधीय पौधे लगाने का एक उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा और वनस्पतियों के औषधीय गुणों से परिचित करवाना भी है। इन पौधों का उपयोग आयुर्वेद में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता है।
तुलसी, नीम, अश्वगंधा, एलोवेरा, गिलोय जैसी औषधीय वनस्पतियां अपने विभिन्न उपयोगों के लिए जानी जाती हैं। हालांकि किसी भी औषधीय पौधे का सेवन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
जैव विविधता को भी मिलेगा बढ़ावा
औषधीय पौधों के रोपण से आयुष हर्बल पार्क में वनस्पतियों की विविधता बढ़ने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। विभिन्न प्रकार के पौधे पक्षियों, कीटों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार करने में सहायक होंगे।विभाग का उद्देश्य आयुष हर्बल पार्क को औषधीय पौधों के संरक्षण, पर्यावरणीय जागरूकता और अध्ययन के लिए उपयोगी स्थल के रूप में विकसित करना है। इससे विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों और आम लोगों को औषधीय वनस्पतियों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।