जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत जलालपुर कलां गांव में स्वास्थ्य सुपरवाइजर राजेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने रैपिड फीवर मास सर्वे किया। इस दौरान टंकी, कूलर, हौदी, छतों पर पड़े कबाड़, फ्रिज के पीछे लगी ट्रे, गमलों, पक्षियों के पानी पिलाने के बर्तनों के पानी में लार्वा की जांच की गई। ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया बुखार के कारण, लक्षण व बचाव के तरीके बताए गए। रक्त पट्टिका बनाकर जांच के लिए लैब भेजा गया।
राजेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी लगातार टीम बनाकर गांवों का दौरा कर रहे हैं। ग्रामीणों को डेंगू व मलेरिया से बचाव के तरीके बता रहे हैं। इसके साथ जो भी बुखार पीड़ित पाया जाता है, उसकी रक्त पट्टिका बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जो भी सेवाएं देता है उनकी विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है। टीबी से बचाव के लिए टीकाकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डेंगू में अचानक से तेज बुखार आता है। जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द होता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी युक्तियां अपना कर हम मलेरिया व डेंगू बुखार से बच सकते हैं। इस अवसर पर राजेश कुमार, महेंद्र सिंह, सुशील शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, जयवीर सिंह, पवन, रामदयाल, रानी देवी, बाला मौजूद रहीं।