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जिले में लैब टेक्नीशियन के रिक्त पदों के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

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जांच करवाने के लिए आई गर्भवती महिला। संवाद - फोटो : Jind
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जिले में लैब टेक्नीशियन के खाली पदों की वजह से स्वास्थ्य विभाग खुद बीमार होने की कगार पर है। जिले में लैब टेक्नीशियन के 40 पद स्वीकृत हैं। लेकिन इनमें से 23 ही काम कर रहे हैं। इसके चलते चिकित्सक बीमार व्यक्ति की जांच किए बिना ही लोगों को दवाइयां बांटकर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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इन रिक्त पदों के कारण जिले में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र की पीएचसी व सीएचसी की हालात खराब है। रिक्त पदों के चलते चिकित्सक मरीज की बीमारी से संबंधित जांच करवाने के लिए या तो निजी लैब जाने की सलाह देते हैं या फिर बिना जांच-पड़ताल किए ही दवा देकर घर भेज देेते हैं। इसके चलते कई बार बीमारी चिकित्सक की समझ में नहीं आती और वह गंभीर रूप धारण कर लेती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में लोग महंगाई के कारण निजी लैब में जांच करवाना उचित नहीं समझते और बिना जांच करवाए ही दवा ले लेते हैं।
ग्रामीण अंचल में स्थापित पीएचसी, सीएचसी में लैब टेक्नीशियन के पद रिक्त होने के चलते केवल मरीज को दवाइयां दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन के मुताबिक संस्थान में जाने पर मरीज का पहले ओपीडी के लिए पंजीकरण करना होता है। उसके बाद चिकित्सक मरीज का चेकअप करेगा। मरीज को कोई समस्या है उसका पता लगाने के लिए लैब में जांच करवाई जाती है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही चिकित्सक द्वारा दवाई देकर उसका इलाज किया जाता है। लेकिन चिकित्सक लैब टेक्नीशियन के रिक्त पद होने के कारण स्वयं ओपीडी न करके वह अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों से औपचारिकता पूरी करवाने तक सीमित रह जाता है।
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इन केंद्रों पर नहीं लैब टेक्नीशियन
ग्रामीण अंचल में स्थापित पीएचसी धनौरी, डूमरखां खुर्द, सींसर, दुर्जनपुर, करसिंधु, छात्तर, डाहौला, नगूरां, घोघड़ियां, रजाना कलां, निडाना, शामलों कलां, किनाना, लिजवाना कलां, सीएचसी अलेवा समेत अन्य कई केंद्रों पर पद रिक्त हैं।
इन पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए कई बार स्वास्थ्य सेवाओं के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य की समय पर जांच हो सके। उच्च अधिकारियों की तरफ से उम्मीद है कि जल्द ही इन रिक्त पदों को भरा जाएगा। डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन जींद।
ज्यादातर पीएचसी, सीएचसी पर लैब टेक्नीशियन के पद रिक्त हैं। ग्रामीण अंचल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। रिक्त पदों को भरवाने के लिए एसोसिएशन की तरफ से कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। विक्रम सिंह, जिला प्रधान, लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन हरियाणा।
सीएचसी कंडेला पर कार्यरत सामान्य लैब टेक्नीशियन सुलतान सिंह ने बताया कि सीएचसी के अधीन पीएचसी डाहौला, घोघड़ियां पर लैब टेक्नीशियन के दोनों पद रिक्त होने के चलते सीएचसी में टेस्टों का कार्य चार गुना बढ़ गया है। जांच करवाने के लिए मरीज जींद शहर के अलावा बाहर की अन्य पीएचसी, सीएचसी आ रहे हैं। इसमें ज्यादातर गर्भवती और डिलिवरी करवाने के लिए अन्य जिलों से महिलाएं आ रही हैं ।
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