जींद। एक साल पहले सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक ने स्वास्थ्य विभाग को छह लाख 91 हजार रुपये वेंटिलेटर खरीदने के लिए दिए थे, लेकिन वेंटिलेटर नहीं खरीदे गए। अब सांसद ने अपने पैसे अब वापस मांगें हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन पैसों से दूसरे मेडिकल उपकरण खरीदने की योजना बना रहा है।
कोरोना काल में सांसद रमेश कौशिक ने जिला स्वास्थ्य विभाग को वेंटिलेटर खरीदने के लिए छह लाख 91 हजार रुपये की ग्रांट दी थी। उस समय स्वास्थ्य विभाग के पास उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के भेजे हुए 22 वेंटिलेटर पहुंच गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सांसद की ग्रांट से वेंटिलेटर नहीं खरीदे। पिछले सप्ताह सांसद रमेश कौशिक ने जिला अधिकारियों की बैठक ली। इसमें सांसद ने स्वास्थ्य विभाग से पूछा कि उन्होंने जो छह लाख 91 हजार रुपये दिए थे, उनसे वेंटिलेटर खरीदे या नहीं। इस पर सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान ने बताया कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में वेंटिलेटर पहुंच गए थे, इसलिए वेंटिलेटर नहीं खरीदे। इस पर सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि जब वेंटिलेटर नहीं खरीदे गए तो उनकी ग्रांट को वापस भेज दिया जाए। इसके बाद डीसी डॉ. मनोज कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इन पैसे से कोई अन्य मेडिकल उपकरण खरीदने को कहा। अब स्वास्थ्य विभाग सांसद रमेश कौशिक की ग्रांट से तीन ईसीजी मशीन तथा कुछ अन्य उपकरण खरीदने की योजना बना रहा है। इसके बाद इस योजना को सांसद रमेश कौशिक से अप्रूव करवाया जाएगा।