बुखार पीड़ित के रक्त के नमूने लेता स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
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पिछले वर्ष डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आने से जहां स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली थी, वहीं इस वर्ष अब तक तीन मामले सामने आ चुके हैं। एक मामला अप्रैल में आया था, जबकि दो मामले तीन दिन पहले आए हैं। एक मरीज का इलाज हिसार के निजी अस्पताल में और दूसरे का जींद के नागरिक अस्पताल में चल रहा है। दोनों का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो चुका है। जहां डेंगू पॉजिटिव मिले हैं, उन घरों के आसपास के बुखार पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य विभाग ने रक्त के नमूने लिए हैं। इनमें से कोई भी व्यक्ति डेंगू पॉजिटिव नहीं मिला है।
22 अप्रैल को ओम नगर निवासी की रहने वाली 30 वर्षीय ऊषा रानी की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। ऊषा रानी फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दाखिल थीं। इसके बाद वह ठीक हो गई थीं। 14 सितंबर को शिवपुरी कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय राहुल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। राहुल को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। राहुल का स्वास्थ्य पहले से बेहतर है तथा उसकी प्लेटलेट्स अब बढ़ गई है। वहीं नरवाना निवासी 48 वर्षीय मिथलेश की रिपोर्ट भी डेंगू पॉजिटिव आई है। मिथलेश को हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। दोनों ही मरीज अब पहले से काफी बेहतर हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नरवाना तथा शिवपुरी कॉलोनी के आसपास के क्षेत्र के बुखार पीड़ितों के रक्त के नमूने लिए हैं। इनकी जांच की गई तो इन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले से अधिक अपनी सक्रियता बढ़ा दी है ताकि डेंगू को फैलने से रोका जा सके।
अब तक इस वर्ष डेंगू के तीन मामले पाए गए हैं। एक मामला अप्रैल महीने में सामने आया था जबकि दो मामले तीन दिन पहले ही सामने आए हैं। अभी सामने आए डेंगू के दोनों मरीज पहले से काफी ठीक हैं। इनमें एक लड़का नागरिक अस्पताल में दाखिल है तो दूसरा व्यक्ति हिसार में दाखिल है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बुखार पीड़ितों के सैंपल लेकर जांच करती हैं। यदि किसी व्यक्ति को डेंगू की शंका हो तो वह नागरिक अस्पताल में जांच करवा सकता है। -डॉ. तीर्थ बागड़ी, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया।