हरियाणा के जींद में अपने पांच बच्चों की हत्या के आरोप में जेल में बंद जुम्माद्दीन की मंगलवार रात मौत हो गई। वह काफी समय से बीमार चल रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की निगरानी में डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर पोस्टमार्टम हुआ, और वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
गांव डिडवाड़ा निवासी जुम्माद्दीन अपने पांच बच्चों की हत्या के आरोप में 10 मई 2021 से जिला जेल में बंद था। जुम्माद्दीन ने 15 मई 2016 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 11 और सात वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लड़कियों के शव नहर से बरामद किए थे।
गुत्थी नहीं सुलझी तो पुलिस ने सीसीटीवी खंगाला। फुटेज में जुम्माद्दीन ही बेटियों को ले जाता दिखाई दिया। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने तीन बेटियों और दो बेटों की हत्या की बात कबूल की थी।
परिजनों को नहीं होने दिया था संदेह
सदर थाना सफीदों पुलिस ने पत्नी रीना की शिकायत पर जुम्माद्दीन के खिलाफ हत्या, शव खुर्दबुर्द करने के आरोप में चार मामले दर्ज किए थे। इसमें कहा गया कि दो मासूम बेटियों को नहर में फेंकने से पूर्व उसने नौ माह की अपनी बेटी का गला दबाकर कत्ल किया था। यही नहीं, साल 2015 में अपने एक वर्ष के बेटे को सल्फास देकर मारा था। आरोपी बच्चों की हत्या को इतने शातिराना अंदाज से अंजाम देता था कि उस पर परिजनों को भी संदेह नहीं होता था। गिरफ्तारी के बाद से जुम्माद्दीन जिला कारागार में विचाराधीन बंदी था। मंगलवार रात अचानक उसकी तबीयत खराब होने पर जेल डिस्पेंसरी से नागरिक अस्पताल रेफर किया गया था।
शव का चिकित्सक बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। ज्यूडिशिल मजिस्ट्रेट की ओर से इसकी जांच की जा रही है।
-बलवान सिंह, जांच अधिकारी
बच्चों की हत्या की बात सामने आने पर हमारा जुम्माद्दीन से कोई वास्ता नहीं रहा। पुलिस के माध्यम से मौत की सूचना मिली थी। कागजी कार्रवाई के लिए बुलाया गया है। बीमारी से मौत की बात कही जा रही है।
-गुलाब सिंह, मृतक का भाई
-जुम्माद्दीन लकवा के कारण चलने, फिरने, उठने-बैठने में असमर्थ था। रात को अचानक तबीयत खराब होने पर उसे नागरिक अस्पताल रेफर किया गया था। वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के कारणों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
-संजीव कुमार, जेल अधीक्षक जींद।