07जेएनडी10 : शहर के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाते बच्चें। स्रोत अध्यापक
जींद। मिड-डे मील में उपयोग होने वाली सभी सामग्री की आपूर्ति जिले में अब हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से की जाएगी। इस संबंध में मौलिक शिक्षा विभाग हरियाणा और हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज के बीच एक वर्ष का समझौता किया गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को संतुलित पोषणयुक्त भोजन प्राप्त होगा जिससे उनके स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और अध्ययन में एकाग्रता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
पहले स्थानीय स्तर पर सामग्री की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें मिलती थीं लेकिन अब एग्रो कारपोरेशन से सीधी आपूर्ति होने से पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी। नई प्रणाली के तहत बाल वाटिका से लेकर कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों के लिए अनाज, दालें, तेल, मसाले, नमक सहित सभी आवश्यक खाद्य सामग्री सीधे एग्रो कारपोरेशन के स्टोर से स्कूलों तक भेजी जाएगी।
यह सामग्री राज्यस्तर पर गुणवत्ता जांच और अनुमोदन के बाद ही भेजी जाएगी ताकि बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिले। मिड-डे मील योजना का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं बल्कि बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार और विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाना भी है। शिक्षा विभाग का मानना है कि बेहतर गुणवत्ता और स्वादिष्ट भोजन मिलने से अब विद्यार्थियों की उपस्थिति में भी बढ़ोतरी होगी।
63 हजार विद्यार्थी को मिल रहा मिड-डे मील
जिले में पहली से आठवीं कक्षा तक 63753 विद्यार्थी मिड-डे मील योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें बाल वाटिका से लेकर आठवीं तक के सभी विद्यार्थी शामिल हैं। नई आपूर्ति व्यवस्था से अब सभी विद्यार्थियों को एक समान, ताजा और पौष्टिक भोजन प्राप्त होगा जो उनके स्वास्थ्य और शैक्षणिक विकास के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
वर्जन
जिले में एक साल मिड-डे मील अब
हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से दिया जाएगा। 63 हजार से ज्यादा बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा।-रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद