हरविंद्र राणा को अंतरराष्ट्रीय गौरव सम्मान से सम्मानित करते हुए। संवाद
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जींद। एसोसिएशन ऑफ हरियाणवी इन ऑस्ट्रेलिया के द्वारा मल्टीकल्चरल साइंस एसोसिएशन के स्थापना दिवस को धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए भारत से विख्यात लोक कलाकार हरविंदर राणा को और उसके दल को बुलाया गया है। एसोसिएशन ऑफ हरयाणवी ने विश्व स्तर तक अपनी लोक संस्कृति को पहुंचाने के लिए हरविंद्र राणा को अंतरराष्ट्रीय गौरव सम्मान से भी नवाजा है। इससे पहले भी हरविंदर राणा को ऑस्ट्रेलिया में लोक गायन के लिए बुलाया गया था।
हरविंद्र राणा बचपन से ही लोक गायन में काम करते रहे हैं। बचपन में जींद के हैप्पी सीनियर सेकेंडरी में पढने के पश्चात राजकीय महाविद्यालय जींद में भी सांस्कृतिक क्षेत्र में अपना परचम लहराया। इन्हें हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2008 में देवीशंकर प्रभाकर सम्मान से नवाजा गया है। इसके पश्चात भारत सरकार ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ बम लहरी गायक का सम्मान दिया गया। लोक गायन के क्षेत्र में बेहतर काम करते-करते कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हरविंदर राणा ने अपने लोक संस्कृति के बलबूते पर दुनिया में अपनी पहचान बनाई और इस कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ हरियाणवी स्नेह 15 दिवसीय लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए इन्हें आमंत्रित किया। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से मेलबर्न एडिलेड और सिडनी में यह कार्यक्रम किए जाने हैं। हर बार लोकगीत को एक नए अंदाज में प्रस्तुत करना इनके जीवन की इच्छा रही है। हरविंद्र राणा ने कहा कि एसोसिएशन ऑफ हरयाणवी ने विश्व स्तर तक अपनी लोक संस्कृति को पहुंचाने के लिए जो अंतरराष्ट्रीय गौरव सम्मान मिला है। भविष्य में पूरे विश्व में अपने लोक संस्कृति को फ हराने और पहुंचाने के लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे। एसोसिएशन के प्रधान सेवा सिंह ने कहा कि अपने देश की संस्कृति को विश्व स्तर तक पहुंचाने के लिए वो इस तरह के आयोजन करते हैं। इस अवसर पर भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि राजकुमार ने कहा कि गत चार वर्षों से एसोसिएशन ने हरियाणवी सांस्कृतिक परंपराओं संस्कारों एवं तीज त्योहारों का तो संरक्षण किया ही है किंतु ऑस्ट्रेलिया के लोगों के मन में अपना अलग स्थान बनाया है।