जुलाना। खेल स्कूल निडानी की महिला पहलवान अंशु मलिक ने नार्वे में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच दिया है। उनके फाइनल में पहुंचने पर प्रदेश व क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अंशु मलिक से पहले भारत की चार महिला पहलवानों ने विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता है, लेकिन सभी को कांस्य पदक मिला है। गीता फोगाट ने 2012 में, बबीता फोगाट ने 2012 में, पूजा ढांडा ने 2018 और विनेश फोगाट ने 2019 में कांसे का तमगा जीता था। इनसे पहले सुशील कुमार (2010) और बजरंग पूनिया (2018) यह कमाल कर चुके हैं।
नार्वे में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 20 वर्षीय अंशु ने शुरू ही से सेेेमिफाइनल में दबदबा बनाए रखा। उन्होंने यूक्रेन की सोलोमिया पर 11-0 से जीत दर्ज की और 57 किलो भारवर्ग के फाइनल में पहुंच र्गईं। इससे पहले अंशु ने एकतरफा मुकाबले में कजाकिस्तान की निलुफर रेमोवा को हराया और फिर क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की देवाचिमेग को 5-1 से शिकस्त दी थी। संस्थान के संरक्षक एवं प्रदेश के पूर्व डीजीपी डॉ. महेंद्र सिंह मलिक व चेयरपर्सन कृष्णा मलिक और सचिव रणधीर श्योराण व पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने कहा कि नार्वे में कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में 57 किलोग्राम भरवर्ग में ओलंपियन अंशु मलिक, 59 किलोग्राम भारवर्ग में एशियन गोल्ड मेडलिस्ट सरिता मोर, 68 किलोग्राम में रितु मलिक, 50 किलोग्राम में हन्नी मलिक और एशिया गोल्ड मेडलिस्ट सुनिल मलिक ग्रीको रोमन 87 किलोग्राम में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में 10 अक्तूबर को कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।