जींद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पांच साल पूर्व जिले के पहले मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। लेकिन आज तक भवन निर्माण के लिए टेंडर ओपन नहीं हो पाया है। हालांकि 23 नवंबर को पहली बार टेंडर खोले जाने की तारीख तय हुई थी। लेकिन उसे आगे बढ़ा दिया गया। अब मेडिकल कॉलेज का टेंडर 24 दिसंबर को खोलने का फैसला लिया है। इन 32 दिनों में पांचवीं बार तारीख बढ़ाई गई है। टेंडर में कॉलेज का भवन 30 महीनों में बनाने का प्रावधान है। बार-बार टेंडर की तारीख बढ़ने का मुख्य कारण ऑनलाइन प्रक्रिया में परियोजना से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने में देरी बताई जा रही है। पिछली बार 17 दिसंबर को टेंडर खोलने की तारीख तय की गई थी, लेकिन अब बढ़ा दिया गया है।
गौरतलब है कि 2014 में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा के बाद दो साल तक तो प्रशासन जमीन ही नहीं तलाश पाया। इसके बाद हैबतपुर गांव की पंचायत ने शहर से सटी 24 एकड़ जमीन कॉलेज के लिए दी थी। इस पर भी आज तक काम शुरू नहीं हो पाया है। तीन साल में सरकार यहां बस मेडिकल कॉलेज की चहारदीवारी ही बना पाई है। टेंडर में मेडिकल कॉलेज का भवन 30 माह में बनाने का प्रावधान है। इसका समय टेंडर के बाद वर्क ऑर्डर जारी करने से शुरू होगा। मेडिकल कॉलेज में 19 मंजिला हॉस्टल व सात मंजिला मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है। अब तक शहर में अधिकतम चार मंजिला भवन ही हैं। ऐसे में यह सबसे ऊंची इमारत होगी। इस परियोजना पर 523.92 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यहां 19 बड़े ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिसमें कक्षा कक्ष, ब्लड बैंक, लैब, 750 बेड का अस्पताल, रेडियोग्राफी ब्लॉक, ओपीडी, लड़के व लड़कियों के लिए हॉस्टल, नर्सिंग कॉलेज व हॉस्टल, स्टाफ निवास, शॉपिंग सेंटर शामिल हैं।
टेंडर की अब तक की घोषित तिथि
23 नवंबर
10 दिसंबर
12 दिसंबर
17 दिसंबर
24 दिसंबर
दस करोड़ रुपये सिक्योरिटी राशि पर फंसा पेंच
इस परियोजना के लिए टेंडर लगाने वाली फर्म को दस करोड़ रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करवाने का प्रावधान है। यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की जानी है। इसको लेकर भी ठेेकेदारों को आपत्ति है। अभी तक दो फर्म टेंडर लगा चुकी हैं। अब नियम बदलकर इस राशि का बैंक सिक्योरिटी को भी मान्य माना जाएगा।
परियोजना के तहत बहुत ही बड़े स्तर पर काम होना है। ऐसे में कई एजेंसी शामिल होती हैं। अलग-अलग विषयों पर उनकी प्रजेंटेशन आती रहती हैं। इनकी समीक्षा की जाती है। इसके सकारात्मक परिणाम होंगे।
- नवनीत नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, जींद।