पिल्लूखेड़ा। अतिमुक्त मुनि महाराज ने प्रवचन के दौरान कहा कि लोभ मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है। कभी लोभ नहीं करें। सदा एक दूसरे का भला करने की सोचें। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन एक लोटे के समान है, जिसे जिधर लुढक़ाओगे, वह उधर ही लुढ़कता चला जाएगा।
वहीं मनीष मुनि महाराज ने कहा कि मन को समझाना बहुत मुश्किल है। कभी मन पर विश्वास नहीं करना। मन को जानने के लिए मन की गहराई तक जाना पड़ेगा। मन को समझाने पर ही मन की कुंडी खुलेगी। मन को पढ़ने पर ही पता लगेगा कि आपके मन में क्या चल रहा है। अपने मन में अच्छा भाव लाएं। अच्छे कार्यों में अपने मन को लगाएं। बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतों को अपनाओ।