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Jind News: अनाज मंडियों में खरीद 70 लाख क्विंटल की, भुगतान सिर्फ 21 लाख क्विंटल का हुआ

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25जेएनडी03: शहर की अनाजमंडी में लगे गेहूं के ढेर। संवाद
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जींद। जिलेभर की अनाज मंडियों में गेहूं खरीद के बाद उठान कार्य में धीमी गति से हो रहा है। हालात यह है कि 10 दिन पहले खरीदे गए गेहूं का अब तक उठान नहीं हो पाया है। जिससे किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
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मंडियों में गेहूं के ढेर लगे हैं और जगह की कमी के कारण नई फसल लेकर आने वाले किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। फिर भी प्रशासन सुस्त नज आ रहा है। सरकारी खरीद के आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले में करीब 70 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है।
उठान मात्र 25 लाख क्विंटल का ही हो पाया है। वहीं 21.50 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का ही किसानों को भुगतान किया गया है। उठान धीमा होने से किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
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किसान राकेश, आशु, मोनू, उमेद सिंह का कहना है कि सरकार द्वारा 72 घंटे में भुगतान का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। जब तक गेहूं का उठान नहीं होगा तब तक भुगतान भी अटका रहेगा। गर्मी के मौसम में खुले में पड़े गेहूं के खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।
इस पूरे मामले को लेकर डिप्टी स्पीकर ने भी अधिकारियों की बैठक में फटकार लगाई थी और कहा था कि कुछ लोग सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने फूड सप्लाई और हेफेड के कर्मचारियों को उठान कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि उठान में लापरवाही बरतने वाली किसी भी एजेंसी के खिलाफ अब तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में आखिर जिम्मेदारों पर कब कार्रवाई होगी और किसानों को इस परेशानी से कब राहत मिलेगी।
बाक्स
गेंहू खरीद कर रही सभी सरकारी एजेंसियों व इस कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदे गए गेहूं का समयबद्ध उठान सुनिश्चित किया जाए। उठान समय से होने पर किसानों को भुगतान जारी होने में परेशानी नहीं आएगी।
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मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद।
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