नौ जुलाई को केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज कर्मचारी भाग लेंगे। इसको लेकर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की राज्य कमेटी के आह्वान पर महाप्रबंधक राहुल जैन को ज्ञापन ज्ञापन सौंपा।
संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष सुशील ईक्कस और कमेटी सदस्य सुरेंद्र पालवां और जयवीर तालु ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार कर्मचारी मजदूर विरोधी चार लेबर कोड बिल रद्द नहीं करती और प्रदेश का अलग वेतन आयोग गठित करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, एएचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांगों को पूरा किया जाए।
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के सचिव रमेश सहरावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन अनुसार लंबित मांगों को हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के नेताओं को बुलाकर समाधान करें। इसके अलावा कर्मचारी की मृत्यु हो जाने पर एक्सग्रेशिया की नीति में पहले पांच व अंत के तीन वर्ष की नौकरी की शर्त हटाई जाए और जोखिम भरे काम करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन तबादला नीति के परिणाम न तो कर्मचारियों के लिए और न ही सरकार के लिए लाभकारी है। विभाग में कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम है। खाली पड़े पदों पर नियमित भर्तियां करने की जरूरत है। रोडवेज विभाग में निजीकरण पर रोक लगाकर विभाग में 10 हजार नई बसें शामिल करें। चालक, परिचालक और लिपिकों का वेतन 35400 किया जाए।
इस अवसर पर सुनील, रमेश, ओमप्रकाश, बलजीत मान, अनिल, राजेश, जयबीर, रमेश, दिनेश और रामनिवास भी मौजूद रहे।