जींद। कभी ऐसा समय था जब अशरफगढ़ गांव में बच्चों को हैंडबॉल खेल के बारे में ज्यादा जानकारी तक नहीं थी। खेल सुविधाओं का भी अभाव था लेकिन आज यही गांव हैंडबॉल की नई प्रतिभाओं के लिए पहचान बनता जा रहा है। इस बदलाव के पीछे हैं राष्ट्रीय स्तर की पदक विजेता खिलाड़ी और प्रशिक्षक गीता मलिक, जिन्होंने दो वर्ष पहले यहां खेल नर्सरी शुरू कर ग्रामीण बच्चों को खेलों से जोड़ने का बीड़ा उठाया।
गोहाना रोड निवासी गीता मलिक प्रतिदिन सुबह और शाम दो-दो घंटे बच्चों को प्रशिक्षण देती हैं। उनकी मेहनत का परिणाम है कि आज नर्सरी में 50 से 60 बच्चे नियमित अभ्यास कर रहे हैं और कई खिलाड़ी जिला व राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।
हाल ही में दीपांशु ने स्कूल खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। वहीं माफी, तनु, तमन्ना, नैंसी, ईशा और पलक सहित कई खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल कर चुके हैं, जबकि अन्य खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
पानीपत जिले के उग्राखेड़ी गांव की बेटी गीता मलिक का खेल करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए, बीपीएड और एमपीएड प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की तथा वर्ष 2022 में पटियाला से एनआईएस हैंडबॉल डिप्लोमा ए ग्रेड के साथ प्राप्त किया। उन्होंने पांच बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीते हैं।
इसके अलावा फेडरेशन कप, नॉर्थ जोन चैंपियनशिप और जूनियर नेशनल हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में भी कई स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए हैं। 20 से अधिक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के साथ-साथ उन्होंने दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। खेल उपलब्धियों के साथ-साथ गीता मलिक ने एसडी पीजी कॉलेज, पानीपत में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दीं और हैंडबॉल नर्सरी कोच के रूप में भी कार्य किया। आज उनका पूरा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को निखारने पर है।
अब बच्चे खेलों के माध्यम से अपने सपनों को उड़ान दे रहे
गीता मलिक का कहना है कि गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की होती है। उनकी इसी सोच का परिणाम है कि अशरफगढ़ जैसे छोटे गांव में अब बच्चे खेलों के माध्यम से अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि गीता मलिक की मेहनत आने वाले वर्षों में गांव से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करेगी।