जींद। शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन इन्हें पकड़ने की नगर परिषद की योजना अभी फाइलों में ही है। पिछले करीब तीन माह से पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई ठप है। बरसात के बाद मच्छरों और उमस से बचने के लिए पशु रात के समय सड़कों पर बैठ रहे हैं। वहीं प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। इससे बाइक और कार चालकों को हादसे का खतरा बना हुआ है।
शहर की सड़कों पर लगभग 2500 बेसहारा पशुओं का जमावड़ा है। गोहाना रोड, नए बस अड्डे के सामने हाईवे, पटियाला चौक, जयंती देवी मंदिर और सब्जी मंडी रोड पर इनकी संख्या अधिक है। शाम ढलने के बाद अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु वाहन चालकों को देर से दिखाई देते हैं।
नगर परिषद ने करीब तीन माह से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान नहीं चलाया है। इसके चलते शहर की सड़कों पर पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शहर वासियों का कहना है कि पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने की नियमित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि यातायात सुरक्षित रहे और पशुओं की जान भी खतरे में न पड़े।
नगर परिषद की 7 अगस्त को हुई हाउस की बैठक में भी बेसहारा पशुओं का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। कई पार्षदों ने पशुओं को पकड़ने के लिए जल्द टेंडर लगाने की मांग की थी। इसके बावजूद अभी तक धरातल पर कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। पशु पकड़ने के लिए टेंडर की योजना फाइलों में ही लंबित है।
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नगर परिषद को पशुओं को पकड़ने के साथ उन स्थानों पर विशेष निगरानी करनी चाहिए जहां रात के समय उनका जमावड़ा रहता है। बंद स्ट्रीट लाइटों को भी जल्द ठीक करवाना जरूरी है। इससे वाहन चालकों को सड़क पर बैठे पशु दिखाई देंगे और संभावित हादसों को टाला जा सकेगा।
- महावीर कंप्यूटर, व्यापारी
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पशुओं को पकड़कर ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए कि वे दोबारा सड़कों पर न आएं। गर्मी और मच्छरों से परेशान बेसहारा पशु रात को सड़कों पर खुद को सुरक्षित समझते हैं लेकिन इनके कारण जनहानि का खतरा बना रहता है। प्रशासन को पशुओं को पकड़ने के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
-विकास सिहाग
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सड़कों से बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला में छोड़ने और आमजन को सुरक्षित सड़क मार्ग उपलब्ध करवाने के लिए नगर परिषद जल्द ही टेंडर लगाएगी। इसके लिए हाउस की बैठक में एजेंडा पास हो चुका है। अब लोगों की सुविधा के लिए इस पर काम शुरू किया जाएगा।
-सुशील भुक्कल, ईओ नगर परिषद जींद।