जींद। रक्षाबंधन के चलते आठ अगस्त दोपहर 12 बजे से लेकर नौ को रात 12 बजे तक जींद में महिलाओं के लिए निशुल्क बस सेवा दी जाएगी। महिलाओं के साथ 15 साल तक के बच्चे भी निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए टाइम टेबल नहीं बल्कि जिस रूट पर ज्यादा भीड़ होगी। उस पर ही बस लगाई जाएंगी।
रोडवेज जींद डिपो में लगभग 168 रोडवेज बस हैं जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। वहीं प्राइवेट बसों में भी महिलाओं और उनके 15 साल तक के बच्चों के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा रहेगी। जींद जिले में असंध, हांसी, पानीपत, नरवाना जैसे लोकल रूट पर प्राइवेट बस दौड़ रही हैं।
प्रत्येक वर्ष रोडवेज विभाग की तरफ से रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस चलाई जाती है। इस बार भी निशुल्क बस सुविधा रहेगी। इस संबंध में रोडवेज विभाग की तरफ से तैयारियां की जा रही हैं। स्टेज कैरिज बस ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुनील कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन पर प्राइवेट बसों में भी रोडवेज बसों की तरह महिलाओं के लिए निशुल्क सुविधा रहेगी।
वहीं प्राइवेट बस संचालकों की अलग-अगल यूनियन है। कुछ यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि अभी सभी प्राइवेट बसों में निशुल्क यात्रा को लेकर पूर्ण रूप से सहमति नहीं बनी है। वहीं गोस्वामी तुलसी जयंती को लेकर शुक्रवार को जींद डिपो से पंचकूला के लिए सात बस जाएंगी।
इसके अलावा 15 अगस्त को होने वाले जिलास्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को लेकर जींद से पांच बस बच्चों के लिए लगा रखी हैं। रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जाती हैं। महिलाओं को राखी बांधने के लिए जाते समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए बसों में फ्री यात्रा की सुविधा दी जाती है।
इसके चलते चालक और परिचालकों के अवकाश रद्द कर दिए हैं ताकि सभी बसों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। डिपो में 200 से ज्यादा चालक और परिचालक हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर एक बूथ पर एक कर्मचारी की ड्यूटी रहेगी ताकि यात्रियों को बसों को लेकर कोई परेशानी नहीं हो। इसके अलावा भीड़ में शरारती तत्वों पर निगरानी के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहेगी।
वर्जन
रोडवेज बसों को महिलाओं की संख्या के आधार पर मांग अनुसार रूटों पर चलाया जाएगा। रक्षाबंधन पर महिलाओं को सुरक्षित पहुंचाने के लिए शुक्रवार दोपहर 12 बजे से बस चलाई जाएंगी। महिला यात्रियों और उनके 15 साल तक के बच्चों के लिए दो दिन किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-जसमेर खटकड़, डीआई बस स्टैंड जींद।