27जेएनडी12:पुरानी अनाज मंडी में हड़ताल के कारण बंद नजर आ रही खाद-बीच, कीटनाशक की दुकाने। स्रोत
जींद। मांगों और समस्याओं के समाधान न होने से बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले पांच घंटे की सांकेतिक हड़ताल की।
व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर डाउन रखे जिससे किसानों को खाद-बीज की खरीद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। एआईडीए के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला प्रधान पवन गर्ग ने बताया कि देश के लगभग पांच लाख कृषि आदान व्यापारियों ने हड़ताल में भाग लिया है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो खरीफ सीजन से पहले व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी केंद्र व राज्य सरकारों की होगी।
व्यापारियों ने मांग की है कि खाद कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले उर्वरक के साथ अनुपयोगी उत्पादों की जबरन टैगिंग को अपराध घोषित किया जाए।
पवन गर्ग और अन्य व्यापारी नेताओं सुरेंद्र गर्ग, मोहनलाल, रामू, सुनील, विनोद ने कहा कि सीलबंद पैकिंग में नमूना फेल होने पर विक्रेता को अपराधी के बजाय केवल गवाह माना जाना चाहिए क्योंकि विक्रेता केवल लाइसेंस के आधार पर सीलबंद माल बेचता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। इसके अलावा, कीटनाशक विधेयक 2025 के कठोर प्रावधानों को शिथिल करने, पुराने स्टॉक की वापसी अनिवार्य करने और लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई है।