जींद। उचाना एसडीएम कार्यालय के सरल केंद्र में कार्यरत महिला कर्मी के आत्महत्या प्रकरण में संघर्ष समिति के सदस्य वीरवार को प्रशासन से मिलने पहुंचे। समिति के सदस्यों ने कहा कि डीसी डॉ. आदित्य दहिया व डीएसपी साधुराम के साथ हुई मीटिंग में उन्हें परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता व एक अस्थायी नौकरी का ऑफर दिया गया, लेकिन उन्होंने ऑफर से इनकार कर दिया है। समिति के सदस्यों ने कहा कि पहले आरोपियों की गिरफ्तारी हो, इसके बाद वे सहायता लेंगे। समिति के रामराजी शर्मा ने बताया कि अधिकारियों ने दो दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि 31 दिसंबर की रात को महिला कर्मचारी ने अपने घर में ही जहर निगल कर आत्महत्या कर ली थी। महिला कर्मचारी ने सुसाइड नोट व ऑडियो रिकॉर्डिंग में एसडीएम समेत 12 लोगों के खिलाफ प्रताड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है। परिजनों और संघर्ष समिति के सदस्यों ने आरोपियों की गिरफ्तारी व परिवार को सहायता की मांग की गई थी। वीरवार को हुई बैठक में रामराजी शर्मा, विरेंद्र कौशिक व महावीर शर्मा मौजूद रहे। रामराजी शर्मा ने बताया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, सहायता राशि व नौकरी स्वीकार नहीं की जा सकती।
20 दिन से ई-दिशा केंद्र बंद, कामकाज प्रभावित
उपमंडल कार्यालय के ई-दिशा केंद्र करीब 20 दिन से बंद है। इस कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। रोजाना सैंकड़ों लोग जमीन की फर्द निकलवाने, आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य कार्यों के लिए कार्यालय आते हैं। लेकिन उन्हें मायूस ही लौटना पड़ता है।
गौरतलब है कि 31 दिसंबर की रात को ई-दिशा केंद्र में कार्यरत महिला कर्मी ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अलावा एसआईटी मामले की जांच कर रही है। इस कारण कार्यालय बंद पड़ा है। महेंद्र, रामकुमार, मनोज, राजेंद्र ने कहा कि 20 दिनों से ई-दिशा केंद्र बंद रहने से हर कोई परेशान है। इन दिनों काफी सरकारी नौकरियों को लेकर फार्म निकले हैं। इनमें आवेदन को लेकर जो प्रमाण पत्र बनने होते है वह ई-दिशा केंद्र से बनते हैं। ऐसे में बेरोजगारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय बंद होने से रजिस्ट्री करवाने, जमीन का इंतकाल, फर्द निकलवाने सहित अन्य कार्य अटक गए हैं। एसडीएम प्रीतपाल ने बताया कि एसआईटी इंचार्ज और डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ई मेल व लिखित रूप में ई-दिशा केंद्र खोले जाने की अनुमति मांगी गई है। निर्देश मिलते ही कामकाज शुरू करवा दिया जाएगा।