जींद। गेहूं की बिजाई के समय जहां किसानों को डीएपी खाद की किल्लत से दो-चार होना पड़ा, वहीं अब यूरिया की कमी खल रही है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के पदाधिकारियों ने वीरवार को डीसी नरेश नरवाल को ज्ञापन सौंपकर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान डीसी ने कृषि विभाग के अधिकारियों से फोन कर उपलब्धता की जानकारी ली और माना कि जिले में यूरिया की कमी है। उन्होंने कहा कि यूरिया का रैक लगना है, इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष आजाद पालवां, कुलबीर मलिक, सिक्किम सफाखेड़ी, बिजेंद्र सिंधु, कैप्टन रणधीर सिंह चहल, खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर शर्मा व कैप्टन आरएस रेढू ने डीसी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि गेहूं की बिजाई पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब सिंचाई के साथ ही किसानों को यूरिया की जरूरत है, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रहा है। किसानों ने कहा कि इससे किसान परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि जिले में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसानों ने कहा कि कुछ निजी खाद विक्रेता किसानों को खाद के साथ कीटनाशक दवा भी बचे रहे हैं। ऐसे में किसानों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
तहसील के कार्यों में टीकाकरण रिपोर्ट की मंाग पर जताया एतराज
वहीं डीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों ने कहा कि तहसील में होने वाले कार्यों पर टीकाकरण का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। हालांकि वे भी चाहते हैं कि लोग कोरोना टीकाकरण करवाएं, लेकिन लोगों को ऐसे परेशान किया जाना सही नहीं है। इस पर डीसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
वर्जन
इसी सप्ताह जिले में यूरिया के दो रैक आने हैं। इसके अलावा तीन-रैक निजी कंपनियों के भी आएंगे। इसके बाद जिले में यूरिया की किल्लत नहीं रहेगी। यदि कोई भी दुकानदार खाद के साथ जबरन दवा बेचता है तो उसकी शिकायत किसान दें, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. नरेंद्र पाल, गुणवत्ता नियंत्रक, कृषि विभाग, जींद।