निजीकरण के विरोध में नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी।
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जींद। सरकार द्वारा छह बैंकों के निजीकरण किए जाने पर विरोध स्वरूप यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर 12 सरकारी बैंकों के कर्मचारी वीरवार को दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। वीरवार को जिले में सरकारी बैंकों की 135 बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताली बैंक कर्मियों ने डीआरडीए स्थित पीएनबी के सामने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में बैंक कर्मियों ने लघु सचिवालय मोड़ तक रोष प्रदर्शन भी किया। हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव सरकारी कामकाज पर पड़ा। क्योंकि अधिकतर सरकारी लेनदेन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ही होता है। जिले की मुख्य ट्रेजरी भी सफीदों गेट स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है, जहां से सरकारी लेनदेन होता है। अनुमान है कि जिले में हड़ताल के चलते करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। इसके अलावा सबसे ज्यादा परेशानी उद्यमियों को हुई जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से अपने कारोबार के लिए लेनदेन करते हैं।
ऑल इंडिया पीएनबी ऑफिसर एसोसिएशन के सर्कल सचिव जगदीश रेढू और पीएनबी हरियाणा स्टाफ एसोसिएशन ऑर्गेनाइजेशन सचिव दलवीर सिंह ने कहा कि सरकार छह बैंकों का निजीकरण करना चाह रही है। अभी तक तो उनकी हड़ताल केवल दो दिन के लिए है। अगर सरकारी छह बैंकों के निजीकरण को बंद नही किया तो हड़ताल को बढ़ाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हड़ताल के पहले दिन से वीरवार को लगभग 500 करोड़ का लेनदेन बाधित हुआ है और 135 शाखाएं जिले में बंद रहीं। सरकार जो सरकारी बैंकों का निजीकरण का प्रयास कर रही है, उसे बंद करे और बैंककर्मियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाए।