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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत के कैंप कार्यालय में विरोध जताने पहुंचे किसान

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जींद। किसान आंदोलन के बीच शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे किसान काले झंडे लेकर विरोध जताने के लिए कपास मंडी स्थित किसान सेवा केंद्र में बने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कैंप कार्यालय पहुंचे। यहां सप्ताह में दो दिन सोमवार व शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के निजी सचिव प्रो.जगदीश सिहाग लोगों की शिकायत सुनने आते हैं। ऐसे में किसानों का विरोध है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा-जजपा दोनों ही राजनीतिक दलों का बहिष्कार कर रखा है। ऐसे में जब तक किसान आंदोलन चल रहा है जजपा नेता यहां नहीं आएं। किसानों का आरोप है कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।
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किसानों ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे करसिंधु गांव से कुछ किसान भाजपा-जजपा के नेताओं के बहिष्कार का संदेश देने उपमुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय पहुंचे थे। किसानों का कहना है कि उन्होंने प्रो. सिहाग को बातचीत के लिए बाहर बुलाया। इस पर किसानों को अंदर चल कर बात करने के लिए कहा गया। किसानों का कहना है कि उन्हें आशंका थी कि अंदर अभद्रता हो सकती है। इस पर उन्होंने कुछ मीडिया कर्मियों को भी साथ ले लिया। आरोप है कि जब प्रो. जगदीश सिहाग को उचाना में राजनीतिक गतिविधियां नहीं चलाने के लिए कहा गया तो यहां मौजूद कुछ जजपा कार्यकर्ताओं ने बहस शुरू कर दी। इससे हंगामा हो गया। बाद में किसानों ने खटकड़ टोल पर फोन कर अन्य किसानों को भी बुलाया, लेकिन इससे पहले प्रो. सिहाग यहां से निकल गए।
वहीं उपमुख्यमंत्री के निजी सचिव के अनुसार जो लोग बातचीत करने आए थे, उनको आदर के साथ अंदर बैठाया गया और चाय पिलाई गई। वे किसानों का पूरा सम्मान करते हैं। कुछ लोगों ने हंगामा किया, इस दौरान किसी को हाथ लग सकता है, किसी के साथ धक्कामुक्की नहीं की गई। वहीं उचाना थाना प्रभारी रविंद्र कुमार का कहना है कि किसानों ने शिकायत दी है कि प्रो. जगदीश सिहाग बाहरी व्यक्ति हैं और उचाना में राजनीतिक गतिविधियां चल रहे हैं। इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। धक्कामुक्की व मारपीट की कोई शिकायत नहीं आई है।
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