हरियाणा के जींद जिले के जुलाना में तहसील कार्यालय के गेट के बाहर खराब हुईं फसलों का मुआवजा नहीं मिलने पर किसानों ने बुधवार को तीसरी बार तहसील कार्यालय के दोनों गेटों पर ताला जड़ दिया और गेट के बाहर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता पूर्व पार्षद वेदपाल लाठर ने की।
मंगलवार शाम को पुलिस ने दस किसानों को हिरासत में लिया था। बाद में उनकी गिरफ्तारी डालकर उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बुधवार सुबह जैसे ही अन्य किसानों को इसका पता चला तो काफी संख्या में किसानों ने तहसील कार्यालय पर ताला लगाकर धरना शुरू कर दी।
बुधवार को जुलाना के लंगरघर पर किसानों की बैठक हुई। यहां किसानों ने निर्णय लिया गया कि जब तक गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई नहीं हो जाती और मुआवजा नहीं मिलता, तब तक तहसील कार्यालय का ताला नहीं खोला जाएगा। इसके बाद कापी संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और दोनों गेटों पर ताला लगा दिया।
ताला लगने की सूचना पाकर जुलाना पुलिस भारी संख्या में तहसील कार्यालय में तैनात रही। किसानों ने तहसील कार्यालय को खाली करवा दिया और दोनों गेट के बाहर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए। भाकियू के अलावा अन्य किसान संगठनों ने भी धरने का समर्थन किया।
वेदपाल लाठर ने कहा कि किसान को अपना हक पाने के लिए खून के आंसू बहाने पड़े रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। प्राकृतिक आपदा के दो साल बाद भी किसानों को उनके हक का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें खराब हुईं फसलों का मुआवजा नहीं मिलता, उनका धरना जारी रहेगा।
तहसील कार्यालय पर ताला जड़ने के आरोप में मंगलवार रात को पुलिस ने 10 किसानों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तहसीलदार राकेश मलिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जुलाना बारहा के कार्यकारी प्रधान बसाऊ लाठर, आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान राजपाल, शादीपुर के पूर्व सरपंच कुलवंत, भाकियू के जिला उपप्रधान नरेंद्र ढांडा, पवन करसोला, बिजेंद्र लाठर, सुमित लाठर, बिजेंद्र, पवन व 10-15 अन्य किसानों ने तहसील कार्यालय को ताला जड़ दिया।
इस कारण सरकारी कार्य बाधित हुआ है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दस किसानों को नामजद करते हुए 10-15 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। मंगलवार शाम को ही सभी नामजद किसानों को हिरासत में ले लिया गया। रात को ही उनको अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
जुलाना की अनाज मंडी भी रही बंद
तहसील कार्यालय पर ताला जड़ने के आरोप में गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को अनाज मंडी भी बंद रही। आढ़तियों ने मंडी को बंद रखा और कोई भी खरीद का काम नहीं हो पाया। आढ़तियों का कहना है कि जब तक गिरफ्तार किसानों की रिहाई नहीं होती, तब तक वह मंडी में फसल की खरीद का कोई काम नहीं करेंगे।
डीएसपी पहुंचे, नहीं माने किसान
तहसील गेट पर दोपहर को डीएसपी धर्मबीर खर्ब पहुंचे और किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि जब तक गिरफ्तार किसानों की रिहाई नहीं हो जाती और मुआवजा नहीं मिल जाता, वह ताला नहीं खोलेंगे। डीएसपी ने कहा कि न्यायिक हिरासत में जाने के बाद अदालत के जरिये जमानत होती है। जमानत के बाद वह केस वापसी पर विचार करेंगे।