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तीन डिग्री तापमान में यूरिया के लिए लाइन में लगने को मजबूर किसान

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यूरिया खाद के लिए पुरानी मंडी में सरकारी दुकान के बाहर लाइन में लगे किसान। - फोटो : Jind
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उचाना। डीएपी के बाद अब यूरिया खाद के लिए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन डिग्री तापमान में जब लोग घरों में दुबके रहते हैं उस समय किसानों को लाइन में लगने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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सरकारी दुकान पर यूरिया के 2750 बैग सरकारी दुकान पर मंडी में पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही किसान ट्रैक्टर-ट्राली सहित अन्य वाहन लेकर मंडी पहुंच गए। किसानों की लंबी लाइन खाद लेने के लिए लग गई। एक किसान को आधार कार्ड पर 10 से 15 बैग तक दिए गए। किसान रामरूप, जगदीश, चंद्र व मनजीत ने कहा कि पहले डीएपी के लिए लाइन में लगना पड़ा तो अब यूरिया के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। खेत और घर का काम छोड़कर सुबह सात बजे ही मंडी में खाद लेने पहुंच गए थे। पहले ही किसानों ने मांग की थी कि डीएपी की तरह यूरिया की किल्लत नहीं हो। इसको लेकर सरकार अधिक मात्रा में यूरिया मंगवाए। अब यूरिया की किल्लत होने से किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। सिंचाई का समय चल रहा है। अगर इस समय फसल में यूरिया खाद नहीं डाला तो गेहूं की फसल खराब हो जाएगी। इस समय फसल को यूरिया की जरूरत है, लेकिन यूरिया कम मात्रा में आने से किसान परेशान हैं। यूरिया की किल्लत नहीं होने के दावे तो प्रशासन कर रहा है, लेकिन यहां पर लंबी लाइनों में किसानों को लगना पड़ रहा है। सरकारी दुकान के सेल्समैन सतीश ने कहा कि 2750 बैग यूरिया खाद के आए। इसमें से एक किसान को आधार कार्ड पर 10 से 15 बैग दिए गए।
वर्जन
शनिवार को जिले में कुल 5700 मीट्रिक टन यूरिया पहुंचा है। इसमें 2400 और 900 मीट्रिक टन का रैक जींद में, 2400 मीट्रिक टन का रैक नरवाना में लगा है। अब जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं रहेगी।
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- डॉ. नरेंद्र पाल लालका, गुणवत्ता नियंत्रक, कृषि विभाग।
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