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Jind News: किसान पर दोगुनी मार...पानी ने फसलें छीनी, अब घरों में घुसा

Thu, 04 Sep 2025 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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03जेएनडी03: दातासिंह वाला गांव की गलियों में भरा पानी। संवाद
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जींद। जिलेभर में बारिश के चलते लगभग 10 हजार एकड़ फसल डूब चुकी है। वहीं कई गांवों में तो घरों के बाहर पानी पहुंच गया है। नरवाना के दातासिंह वाला गांव में तालाब ओवरफ्लो होने से गलियों में पानी चढ़ाने लगा है। अगर पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हुई तो जल्दी पानी घरों में घुसने लगेगा।
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कई दिनों से नरवाना और जुलाना के क्षेत्रों से फसलें डूबने की शिकायतें आ रहीं थी। वहीं अब सफीदों क्षेत्र से भी फसल डूबने की शिकायतें आईं हैं। इसके अतिरिक्त 24 गांवों में फसल डूबने की रिपोर्ट पटवारियों ने प्रशासन को भेजी है। जिन गांवों से शिकायत आ रही है। उनमें भी पटवारी मौके पर जाकर फसल खराबे का आंकलन कर रहे हैं।
किसान खेतों से पानी निकासी करवाने की मांग को लेकर लगातार डीआरओ के चक्कर काट रहे हैं। जिसके बाद प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए जुलाना व नरवाना में लगभग 200 पंप सेट लगाए गए हैं।
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बुधवार को सिंचाई विभाग के एक्सईन एसडीओ ने नरवाना के लगभग 10 गांवों व जुलाना के चार गांवों में जाकर पानी निकासी की व्यवस्था को शुरू करवाया। इसके अलावा कुछ लोग बांध बनाकर या फिर पुलिया को रोककर आगे पानी जाने से रोक रहे हैं। इसके कारण गांवों में विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है।

दातासिंह वाला गांव में बंद की पुलिया
दातासिंह वाला गांव की गलियों में पानी भरने की शिकायत को लेकर सरपंच के साथ ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचे। जहां पर बताया कि तालाब ओवरफ्लो होने से पानी गांव की गलियों में घूस रहा है। इसकी निकासी की व्यवस्था हो सकती है लेकिन गांव के ही कुछ किसान फसल खराब होने का हवाला देकर पुलिया को बंद कर रहे हैं। इससे गांव में विवाद होने का भी डर है।
पोली गांव में के पांच गांवों से आ रहा पानी
पोली गांव में आसपास के पांच गांवों की तरफ से पानी आ रहा है। इस गांव से आगे पानी निकलने का रास्ता तो है लेकिन सड़क के पार जिन किसानों के खेत हैं उन्होंने पुलिया को बंद कर दिया है। इसके कारण गांव में लगभग 200 एकड़ फसल पूरी तरह से डूब चुकी है।

कहां जाए किसान?
लगातार हो रही बारिश से जिलेभर में सैंकड़ों एकड़ फसल डूब चुकी है। पोर्टल पर किसान को 72 घंटे तक फसल खराबे का ब्यौरा देना होता है लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी सरकार ने पोर्टल नहीं खोला। एक तरफ किसान प्रकृति की मार सह रहे हैं वहीं दूसरी ओर सरकारी की अनदेखी। वहीं उनकी फसल के बीमे की राशि भी संबंधित कंपनी ने बैंक से काटी है।
वर्जन
जहां से जलभराव की शिकायत मिल रही है। उन गांवों में तुरंत प्रभाव से संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेजा जा रहा है ताकि डूबी हुई फसलों से पानी की निकासी की व्यवस्था करवाई जा सके। इसके अलावा 200 से ज्यादा पंप सेट लगवाए गए हैं। फसलों के बचाने के लिए हर संभव किसानों की सहायता की जा रही है। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद।

03जेएनडी03: दातासिंह वाला गांव की गलियों में भरा पानी। संवाद

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