सफीदों। सफीदों तहसील में फर्जी आदमी खड़ा करके रजिस्ट्री करवाकर 65 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने इस मामले में गांव खेड़ा खेमावती निवासी मनीष, विकास, कर्मबीर और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज लिया है। शिकायतकर्ता ने तहसीलदार पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
पश्चिमी दिल्ली, नांगलोई तहसील के गांव रनहोला निवासी अमित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2019-20 में उसने खेड़ा खेमावती निवासी मनीष से नौ कनाल, छह मरले, दो सरसाई जमीन खरीदी थी। इस जमीन का सौदा 65 लाख रुपये में हुआ था। इसकी रजिस्ट्री 15 जून 2022 की है और इसकी जमाबंदी में इन्द्राज रपट दर्ज है। मनीष ने धोखाधड़ी करते हुए उसके गांव के ही विकास, कर्मवीर के साथ मिलकर उसकी जगह नांगलोई के अमित कुमार को खड़ा करके तहसीलदार के साथ मिलीभगत से एक झूठी रजिस्ट्री 13 मई 2024 तहसील कार्यालय सफीदों में तैयार करवा ली। रजिस्ट्री पंजीकृत करवाते समय न तो उसका आधार कार्ड या अन्य कोई दस्तावेज संलग्न किया हुआ है। ना ही रजिस्ट्री के कागजों पर उसके हस्ताक्षर हैं। उसका नाम अमित है और उसके पिता का नाम भी अजीत है तथा दादा का नाम उदय सिंह है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि रजिस्ट्री के अनुसार उसे 50 लाख रुपये का चेक देना बताया है, लेकिन उसे एक रुपया भी नहीं मिला, जोकि रजिस्ट्री फर्जी है। फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। 14 मई 2024 को हुई रजिस्ट्री में उसके दादा का नाम टोडरमल लिखा है, जबकि उसके दादा का असली नाम उदेय सिंह है। आरोपी विकास व कर्मवीर ने गवाह के तौर पर पेश होकर इस धोखाधड़ी में साथ दिया है। सब रजिस्ट्रार ने आरोपियों की इस साजिश में उनका साथ दिया है।
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पुलिस ने इस मामले में तीन को नामजद कर एक अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
दिनेश कुमार, प्रभारी, शहर थाना सफीदों