जींद। शहर की अनाजमंडी में हैफेड की लापरवाही के चलते पीआर धान की खरीद सरकार के निर्देशों के छह दिन बीतने के बाद भी शुरू नहीं हो पाई। मंडी में पिछले छह दिन से पीआर धान की आवक हो रही है। खरीद तो दूर धान की जांच के लिए भी हैफेड के कर्मचारी नहीं पहुंचे। इसके कारण किसानों को खरीद शुरू होने का इंतजार ही बना है।
शहर की अनाजमंडी में किसानों की परेशानी को देखते हुए मार्केट कमेटी सचिव ने शनिवार को हैफेड के डीएम को खरीद शुरू कराने के लिए नोटिस भेजा है। इस नोटिस की कॉपी खरीद के नोडल अधिकारी, डीसी और एसडीएम को भी भेजा है ताकि मंडी में किसानों की धान की खरीद प्रक्रिया को शुरू कराया जा सके।
किसान भी मंडी में पीआर धान को इसलिए ही नहीं लेकर आ रहे कि कोई खरीदने वाला नहीं है। किसानों की पीआर धान खेत में पककर तैयार है लेकिन मंडी की तैयारियां नहीं होने के कारण कटवाने में भी देरी हो रही है।
शनिवार को शहर की अनाजमंडी में 75 क्विंटल पीआर धान की आवक हुई जबकि मंडी में कुल आवक पीआर की 222 क्विंटल हो चुकी है। इसके अलावा मंडी में शनिवार को 264 क्विंटल कपास की आवक हुई। अब तक कुल 1556 क्विंटल कपास मंडी में आ चुकी है।
पीआर धान के अलावा मंडी में 1509 किस्म की धान शनिवार को 515 क्विंटल आई और कुल आवक 3615 क्विंटल हुई। मंडी में आने वाली धान की खरीद नहीं होने से आढ़तियों को भी परेशानी बनी है किसान आढ़ती की दुकान पर बैठकर दिनभर फसल बिकवाने को लेकर दबाव बनाते हैं।
बाहर लगे कांटों से करा रहे वजन
मंडी के तीन गेट हैं। सभी पर धर्मकांटे लगे हुए हैं लेकिन धान की खरीद शुरू नहीं होने के कारण अब तक इनकी तरफ भी ध्यान नहीं दिया गया। यह फिलहाल बंद हैं। किसान बाहर लगे कांटों से ही वजन करवाकर मंडी में धान डाल रहे हैं।
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किसान मंडी में पीआर धान लेकर आ रहे हैं। सरकार ने भी धान खरीद के निर्देश दिए हैं लेकिन हैफेड के कर्मचारी धान खरीद के लिए मंडी में आकर जांच तक नहीं कर रहे। इसके कारण कई किसान पिछले छह दिन से धान बेचने के लिए मंडी के चक्कर काट रहे हैं। किसानों की परेशानी को देखते हुए हैफेड मैनेजर को खरीद शुरू कराने के लिए नोटिस भेजा है।
-संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव जींद।