लघु सचिवालय के बाहर धरना देती आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स। संवाद
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जींद। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन ने गांधी जयंती पर आंगनबाड़ी स्कीम का स्थापना दिवस धरना स्थल पर मनाया। साथ ही महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार को धरने की अध्यक्षता आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन की जिला प्रधान राजबाला ने की और मंच संचालन दयावंती ने किया।
धरने को जन संघर्ष मंच के जिला प्रधान सुधीर शास्त्री व प्रेम चंद कंडेला ने संबोधित किया। आम आदमी पार्टी के संयोजक हरियाणा प्रदेश निकाय एवं पंचायत ने अपनी पार्टी का समर्थन आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर को दिया। इसके अलावा सविता, बाला, सुनीता, उर्मिला, बबीता अनीत, कृष्णा, लक्ष्मी, सुमित्रा, सुमन, संतोष ने भी धरने को संबोधित किया। जिला प्रधान राजबाला ने कहा कि 1975 में देश के हर गांव व कस्बे में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई थी। उस समय देश में कुपोषण और अन्य जान लेवा बीमारियों ने देश में पैर फैला रखे थे। जन्म के समय बच्चों की मृत्यु होना आम बात थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सामने यह चुनौती थी कि वह इन समस्याओं से आम जनता को कैसे राहत प्रदान करें और जानलेवा बीमारियों पर काबू पाया जा सके। मामूली से बजट के खर्च पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व हेल्पर्स ने मेहनत और लग्न से यह लक्ष्य पूरा किया। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई से यूनियन प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्परकी मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा के कैथल आवास पर शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से धरना कर रही है। मगर उन्हें हमारी आवाज सुनाई नहीं दी है। भाजपा सरकार का एक ही एजेंडा रह गया है कि मजदूरों, कर्मचारियों और किसानों के खिलाफ जनविरोधी नीतियां कैसे बनाई जाएं। 2018 में आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर को सरकारी श्रमिक का दर्जा व अन्य सुविधाएं देने का समझौता किया था, मगर वह आज तक लागू नहीं किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में 1500 रुपये व हेल्पर के मानदेय में 750 रुपये बढ़ोतरी की घोषणा की थी। वह बढ़ा मानदेय सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर को नहीं दिया।