सरकार पर जन विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाकर सभी कर्मचारी संगठन और ट्रेड यूनियनों ने बारिश के बाद भी लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया।
एचएसईबी वर्कर यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान कृष्ण नैन ने कहा कि आज सरकार कर्मचारी के वजूद को खत्म करना चाहती है। सरकार कर्मचारी विरोधी फरमार जारी कर रही है। केंद्र व राज्य सरकार सभी सरकारी विभागों को बेचना चाहती है। इस अवसर पर राज्य सचिव जयबीर जुलानी, जिला महासचिव बीरबल शर्मा, रोडवेज डिपो प्रधान अनूप लाठर, राज्य उप प्रधान जसबीर चहल, अजीत नेहरा, पवन पहलवान, भूपेंद्र चोपड़ा, नरेंद्र शर्मा, महावीर माथुर, पवन रजाना और हीरामल मौजूद रहे।
14 अगस्त को जेल भरो आंदोलन करेंगे कर्मचारी
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वह 14 अगस्त को जेल भरो आंदोलन करेंगे। इसके बाद भी सरकार की नींद नहीं टूटी तो बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल, सीटू के जिला प्रधान कश्मीर सिंह के संयुक्त नेतृत्व में कर्मचारी ने भारत बचाओ, सत्याग्रह आंदोलन किया। सभी कर्मचारी नेहरू पार्क में जमा हुए और प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। रामफल दलाल ने कहा कि आज भारत छोड़ो आंदोलन की 78वीं वर्षगांठ के अवसर पर मजदूर, कर्मचारी, शिक्षक वर्ग को भारत बचाओ आंदोलन इसलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि जनता के प्रति वर्तमान केंद्र व राज्य सरकारों का रवैया भी वैसा ही है, जैसा आजादी से पहले अंग्रेजों का था। केंद्र सरकार ने कोरोना काल में काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 कर दिए। कर्मचारियों की बड़े स्तर पर छंटनी की जा रही है। इस मौके पर संजीव सिंगला, विनोद गिल, असीम, संजीव ढांडा, वजीर गांगोली, सुरेश राठी, भूप सिंह वर्मा, सत्येंद्र कुमार, कलीराम, रोहतास आसन, महेंद्र गौतम, धर्मबीर भंभेवा, रणधीर कुंडू ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
रेलवे के निजीकरण के खिलाफ किया प्रदर्शन
जींद। एनएफआईआर के राष्ट्रीय व्यापी आह्वान पर उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन द्वारा शाखा अध्यक्ष एसके गोयल व सचिव सचिन दूल की अध्यक्षता में रेलवे जंक्शन पर रेलवे का निजीकरण करने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। वहीं एनआएमयू द्वारा भी प्रधान राजबीर सिंह व सचिव सुरेंद्र छोक्कर की अध्यक्षता में यूनियन कार्यालय में प्रदर्शन किया गया। यूनियनों ने कहा कि रेलवे का निजीकरण होने की वजह से कंपनियां अपनी मनमर्जी से किराया वसूलेंगी।
निजीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर दी गिरफ्तारी
उचाना की कपास मंडी में शेड के नीचे अखिल भारतीय किसान सभा, सीआईटीयू, सर्व कर्मचारी संघ, आंगनबाड़ी, मिड-डे मिल, सेवानिवृत्त कर्मचारी, बर्खास्त पीटीआई, आढ़ती एसोसिएशन, शहीद भगत सिंह यूथ ग्रुप, इंटक, भवन निर्माण, मजदूर संघ सहित विभिन्न संगठनों ने आंदोलन किया और गिरफ्तारी दी। जेल भरो आंदोलन की अध्यक्षता सुमन देवी, सतपाल सिरोहा, साधुराम, सुरेंद्र ने संयुक्त रूप से की।
सुरेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार ने कोरोना की आड़ में प्रत्येक वर्ग को भूखा मरने की कगार पर छोड़ दिया है। मजदूरों को फैक्टरियों से निकाल दिया गया है। वेतन कटौती की जा रही है, लेकिन सरकार, प्रशासन इसको लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है। भाजपा मजदूरों के हितों में बने कानून को खत्म कर रही है। खेती के बारे में तीन अध्यादेश अमीरों के हवाले करने का काम किया है।
मजदूरों, किसानों व कर्मचारियों ने किया सत्याग्रह आंदोलन
सफीदों में मजदूर, किसान, कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर रविवार को मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों ने सत्याग्रह आंदोलन में भाग लिया। सफीदों के रेलवे स्टेशन पर रोष प्रकट किया। सभा की अध्यक्षता एसकेएस के ब्लॉक प्रधान संजय शर्मा सीटू के सत्यवीर सिंह व मिड-डे मील वर्कर की पदाधिकारी रानी ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन मजदूर नेता राधेश्याम द्वारा किया गया। सीटू के जिला सचिव कपूर सिंह, निर्माण मजदूरों के नेता सत्यवीर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष संजय शर्मा, सचिव दिलबाग कर्मचारी, महासंघ के जिला अध्यक्ष सीताराम, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के नेता कृष्ण मोरखी ने कहा कि देश की मेहनतकश आवाम भारी
शहर में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कर्मचारी।- फोटो : Jind
सरकार के खिलाफ लामबंद हुए कर्मचारी।- फोटो : Jind
मांगों को लेकर नारेबाजी करते हरियाणा कर्मचारी महासंघ के सदस्य।- फोटो : Jind