संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर गांव रामराये के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सूचना जनसंपर्क भाषा व संस्कृति विभाग हरियाणा की ओर से आपातकाल के पीड़ितों को नमन करने और सम्मान देने के लिए स्लाइड के माध्यम से संविधान की मर्यादा पर हुए हमले और लोकतंत्र के सत्याग्रहियों के संघर्ष की कहानी को दर्शाया गया।
यहां मुख्यातिथि रुद्राक्ष मिड्ढा ने कहा कि भारत में संविधान की रक्षा के लिए सत्याग्रहियों के संघर्ष को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस प्रयास के माध्यम से युवा पीढ़ी को वर्ष 1975 में लोकतंत्र को कुचलने के लिए आपातकाल लागू करने के उपरांत देश में उपजे हालातों के बारे में सटीक जानकारी मिलेगी।
1975 से 1977 तक 21 महीने की अवधि थी जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश के आंतरिक और बाहरी खतरों का हवाला देते हुए पूरे देश में आपातकाल की घोषणा की थी।
जिला सूचना व जनसंपर्क अधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि इस प्रदर्शनी में सत्याग्रहियों के संघर्ष, नागरिक अधिकारों का हनन, संवैधानिक ढांचे पर हमला और मूल्यों का हनन, जन आंदोलन, वरिष्ठ नेताओं विशेषकर भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, चंद्रशेखर, पूर्व उपप्रधानमंत्री कृष्ण लाल आडवाणी को जेलों में बंद करना, रचनात्मकता पर रोक आदि घटनाओं को स्लाइड के माध्यम से प्रदर्शित गया है।
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विशेषकर युवाओं को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराना व लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।