नरवाना। भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) की हरियाणा राज्य कमेटी ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र और युवा नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। संगठन ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
डीवाईएफआई के राज्य सचिव नरेश दनोदा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के अखिल भारतीय अध्यक्ष आदर्श एम साजी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। वहीं, डीवाईएफआई केंद्रीय सचिवालय के सदस्य विकास झा सहित सैकड़ों छात्र-युवाओं को हिरासत में लिया गया।
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संगठन ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। डीवाईएफआई के राज्य प्रधान मुकेश कुमार ने कहा कि संगठन पहले भी पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहा है। अब वोट चोरी के आरोपों और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध जताना और सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है। संगठन ने स्पष्ट किया कि युवाओं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।