नरवाना। किसानों के विरोध के चलते जन नायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला नरवाना में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उन्हें शनिवार को दिल्ली पटियाला हाईवे पर स्थित कस्बे के राजीव गांधी महिला कॉलेज में एक हॉल का उद्घाटन करना था। किसानों के विरोध के कारण उन्होंने वर्चुअल तरीके से हॉल का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में कॉलेज व स्कूल के स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी व संस्था के सदस्य ही मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी साधू राम पुलिस बल के साथ कॉलेज के गेट पर मुस्तैद रहे। बता दें किसान दो दिन पहले ही संस्था के सदस्यों व प्रशासनिक अधिकारियों से मिले थे। उन्होंने कहा था कि अगर अजय चौटाला नरवाना आएंगे तो विरोध होना भी निश्चित है। आसपास क्षेत्र के किसान सुबह छह बजे ही राजीव गांधी महिला कॉलेज के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गए थे और देखते ही देखते किसानों की संख्या बढ़ती गई। इसके बाद पुलिस प्रशासन के हाथ पांव भी फूल गए और कार्यक्रम रद्द करवाने के लिए डीएसपी कभी कॉलेज के बाहर जाते तो कभी किसानों को समझाने बाहर आते। अंत में साढ़े 11 बजे डीएसपी साधू ने किसानों को सूचना दी कि वर्चुअल तरीके से हॉल का उद्घाटन हो चुका है। अब कोई नेता यहां नहीं आएगा। इसके बाद किसानों का विरोध बंद हुआ और किसान वापस बद्दोवाल टोल प्लाजा पर लौट गए।
संस्था द्वारा रात को कार्यक्रम का बैनर लगाया गया, सुबह खुद ही हटाया
कार्यक्रम का संदेश देने के लिए संस्था के सदस्यों द्वारा शुक्रवार रात को ही कॉलेज के मुख्य गेट पर नेताओं की फोटो के साथ बैनर लगाया गया था। लेकिन विरोध की सूचना के बाद शनिवार सुबह को बैनर हटा दिया गया। इसके अलावा जहां कहीं भी कार्यक्रम के होर्डिंग आयोजकों द्वारा लगाए गए थे। उनको किसानों द्वारा उखाड़कर आग लगा दी गई। एक बैनर पर युवा किसानों द्वारा चप्पले व लाठियां भी बरसाईं गईं। किसानों ने यह भी कहा कि स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं। लेकिन कुछ राजनीतिक लोगों ने इन्हें भी अपना राजनीतिक मंच बना लिया है।
वोट के बदले चोट दे रही है सरकार
किसान अशोक, सत्यवान, कर्मजीत बाजवा, होशियार सिंह, डिंपल, सुनील, सीमा बद्दोवाल, मास्टर बलबीर सिंह ने कहा कि नरवाना हल्के के लोगों ने जजपा को वोट देकर इस काबिल बनाया कि उसके नेता आज सत्ता की कुर्सी पर विराजमान हैं। लेकिन बात जब किसान व मजदूरों के हकों की आई तो इन नेताओं ने मुंह मोड़ लिया और सरकार के साथ मिलकर वोट के बदले में लोगों को चोट देने का काम यह नेता कर रहे हैं।
जेजेपी कार्यकर्ताओं को बाहर निकलाने की भी उठी मांग
किसानों को पता चला कि जेजेपी के स्थानीय कार्यकर्ता कॉलेज में कार्यक्रम में मौजूद हैं तो किसानों ने पुलिस के अधिकारियों से कहा कि जब तक कार्यकर्ता बाहर नहीं आएंगे, किसान भी विरोध बंद नहीं करेंगे। इसके बाद अधिकारियों द्वारा किसान नेताओं को कार्यक्रम की तस्वीरें दिखाई गई। इसमें कोई कार्यकर्ता नहीं दिखा तो किसानों का विरोध बंद हुआ।
वर्जन-
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कॉलेज के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था। माहौल खराब न हो इसके लिए जो भी कार्यक्रम होना था वह वर्चुअल हुआ। यहीं मांग किसानों की थी। किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से कॉलेज के बाहर हाईवे के दूसरी तरफ विरोध प्रदर्शन किया।
- साधू राम, डीएसपी नरवाना