जींद। सेक्टरों में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं।
जलघर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों ने पिछले महीने ट्रैक्टर लगाकर पंप के जरिए पानी भरा था, लेकिन लंबे समय से नहर नहीं आई है। अब जलघर में मुश्किल से पांच दिन का पानी बचा है। फिलहाल पानी में कटौती कर दोनों समय आपूर्ति की जा रही है, ताकि नहर आने तक काम चलाया जा सके। शहर से जलघरों में हांसी ब्रांच नहर से पानी की आपूर्ति होती है। 22 मई को नहर आने के बाद पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी।
शहर का सेक्टर छह व सात पूरी तरह से जलघर पर निर्भर है। अगर पानी नहर आने से पहले समाप्त हो गया तो यहां पर बड़ी किल्लत का सामना लोगों को करना पड़ेगा। इसके अलावा सेक्टर आठ व नौ में ट्यूवेल से पानी सप्लाई करने का विकल्प है, लेकिन यह पानी बेहतर नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी संकट को देखते हुए एचएसवीपी के अधिकारियों का भी सेक्टरवासियों से आह्वान है कि गाड़ी धोने या फिर बाग-बगीचों में पौधों को पानी देने के लिए पेयजल का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
वहीं, सेक्टरवासियों का कहना है कि अभी सेक्टरों में पानी की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है। इस कारण सेक्टर छह, सात, आठ और नौ के लगभग 2400 घरों में रहने वाले लगभग आठ हजार लोग परेशान हैं। वहीं सेक्टरवासी सतबीर बांगड़, बिजेंद्र लाठर, वेद आर्य, तस्वीर खटकड़, उज्ज्वल सिंह और अमित मोर डॉ. संजय शर्मा, उपप्रधान एडवोकेट सुशील रोहिल्ला ने बताया कि पानी की किल्लत लंबे समय से चल रही है।
लगभग ढाई महीना पहले भी सेक्टरों में पेयजल किल्लत आ गई थी। पानी की आपूर्ति पूरी तरह नहीं आ रही थी। इसके अलावा पेयजल में सीवर लाइन का पानी मिलकर आ रहा था। सतबीर बांगड़ और अमित मोर ने कहा कि एचएसवीपी के वाटर वर्कस में पानी काफी कम है। जलघर में काफी मात्रा में सिलेट (रेत की परत) भी जमी हुई है। पिछले लंबे समय से वाटर टैंक की सफाई नहीं हो रही है। इस कारण टैंक में पानी पूरी मात्रा में नहीं भर पाता।
सेक्टर के लोगों को हर समय पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ता है। कभी पानी में रेत आता है तो कभी सप्लाई में कटौती की जाती है। अब जलघर के तल में नाममात्र का पानी बचा है। नहर आने तक यह पानी समाप्त हो जाएगा। इसके बाद पानी के लिए उनको किल्लत होगी। इसके लिए जघलर के टैंक की क्षमता बढ़ाई जाए।
सतबीर बांगड़, प्रधान, सेक्टर आठ एसोसिएशन
जलघर का पानी समाप्त होने पर पानी उपलब्ध करवाने के लिए स्थायी वैकिल्पक व्यवस्था की जाए, ताकि शहर के सेक्टरों में रहने वाले लोगों को यह परेशानी भविष्य में नहीं हो। सेक्टरों में स्वच्छ पानी को लेकर स्थायी किल्लत है।
अमित मोर, सेक्टरवासी
गाड़ी धोने में नहीं प्रयोग करें पेयजल
अभी वाटर वकर्स में पानी कम है। पेयजल की किल्लत को देखते हुए सेक्टरवासियों से अनुरोध है कि वह पेयजल का प्रयोग गाड़ी धोने या पौधों को पानी देने में नहीं करें। अभी अभी जलघर में पानी कम बचा हुआ है। जब तक नहर नहीं आएगी। इससे पानी में कटौती कर काम चलाने का प्रयास किया जाएगा।
अनुज ढांडा, जेई, एचएसवीपी।