सफीदों। शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए स्थायी स्थान नहीं मिलने के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। लोग खुले स्थानों के बजाय अब नालों में ही कूड़ा फेंकने लगे हैं। इससे कई नाले जाम हो गए हैं और गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को जान जोखिम में डालकर नालों के भीतर उतरकर सफाई करनी पड़ रही है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
शहरवासियों ने मांग की है कि नगर पालिका जल्द से जल्द कूड़ा निस्तारण के लिए उपयुक्त स्थान तय करे और शहर में जमा कचरे को तुरंत उठाकर सफाई व्यवस्था में सुधार करे।
नगर पालिका की ओर से अब तक कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन का प्रबंध नहीं किए जाने से शहर के कई हिस्से कूड़े के ढेरों में बदल चुके हैं। मुख्य सड़कें हों या गली-मोहल्ले, हर जगह कचरा दिखाई देता है।
स्थानीय वाहन चालक विजेंद्र, कर्मवीर, राहुल, राजीव और कुलदीप ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों पर भी शहर की गंदगी का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
नालों में कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। कई स्थानों पर दूषित पानी सड़कों पर भरने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध ने आसपास के लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। इसके साथ ही कूड़े के ढेर और दूषित पानी के कारण संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
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मकबरा पीर क्षेत्र में नाला अवरुद्ध होने की सूचना मिलने पर कर्मचारियों को भेजकर नाले में जमा कचरा हटवाया गया था जिसके बाद पानी की निकासी सुचारु हो गई। लोगों से अपील की है कि वे नालों में कूड़ा न डालें।
-कर्मबीर, सफाई निरीक्षक नपा।
23जेएनडी20, 21: सफीदों में गंदगी डालने से बंद हुए नाले की सफाई करते हुए सफाईकर्मी। संवाद
23जेएनडी20, 21: सफीदों में गंदगी डालने से बंद हुए नाले की सफाई करते हुए सफाईकर्मी। संवाद