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जरूरतमंद बच्चों के जीवन में फैलाया शिक्षा का उजाला, हर साल उठाती हैं 20 बच्चों का पूरा खर्च

Sat, 31 Oct 2020 11:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जींद
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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कुछ लोग अपने कर्त्तव्य के साथ समाज के लिए अपना दायित्व समझते हुए कार्य करते हैं और समाज के उत्थान में अपना अहम योगदान देते हैं। ऐसी ही हैं अंग्रेजी की अध्यापिका डॉ. सीमा मलिक, जो अध्यापन कार्य ही नहीं करतीं हैं, बल्कि समाजसेविका के रूप में जरूरतमंद बच्चों का भविष्य बनाने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। बड़ौदा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत डॉ. सीमा समय-समय पर स्कूल में कई तरह के कार्यक्रमों के लिए विद्यार्थियों को जागरूक करती हैं। इनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने लघु नाटिका, रागिनी, रोल प्ले एक्टिविटी, क्ले मॉडलिंग, पेंटिंग और लघु नाटिका में गत वर्ष एससीईआरटी गुरुग्राम कला उत्सव कार्यक्रम में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक अपना स्थान बनाया था।
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डॉ. सीमा जरूरतमंद बच्चों के लिए माता-पिता की तरह दोनों कार्य करती हैं। वह हर साल 20 से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों की स्कूल की फीस, वर्दी का खर्च व स्टेशनरी का खर्च खुद ही वहन करती हैं। दस साल से इस कार्य में लगी डॉ. सीमा अब तक 200 बच्चों की सहायता कर चुकी हैं। इसके अलावा स्कूल में विद्यार्थियों के लिए खुद के खर्च पर अंग्रेजी की लैब स्थापित करवाई है। उन्होंने कोरोना से बचाने के लिए स्कूल में पैर से चलने वाली सैनिटाइजर मशीन, सैनिटाइजर और मास्क भी लगातार वितरित करने का काम किया है, ताकि बच्चे इस दौरान सुरक्षित रह सकें। यही नहीं डॉ. सीमा मलिक ने लड़कियों के लिए 2000 सेनेटरी पैड छह महीने तक बंटवाने का काम किया। इसके अलावा छात्राओं के लिए निशुल्क सिलाई सेंटर भी स्थापित किया है, ताकि उनके व्यवसायिक कौशल को बढ़ाया जा सके। उनके बेहतर कार्य के लिए उन्हें कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

छुट्टी के दिन या फिर स्कूल की छुट्टी के बाद शुरू होती है जरूरतमंदों की सहायता की ड्यूटी
स्कूल में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ डॉ. सीमा छुट्टी के दिन या स्कूल की छुट्टी के बाद सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर जरूरतमंदों की हर सहायता की ड्यूटी शुरू करती हैं। इस दौरान वह केंद्र में जाकर सिलाई के बारे में महिलाओं को जागरूक करती हैं या फिर उनको सेनेटरी पैड वितरित करती हैं। अगर जरूरतमंद को किसी अन्य सामान की जरूरत पड़ती है तो उसे भी उपलब्ध करवाती हैं।
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