जींद। ट्रेन में सफर करने वाले दिव्यांगजनों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें अपना रियायती पास बनवाने के लिए रेलवे मंडल यानी अंबाला या दिल्ली नहीं जाने पड़ेगा। यह पास अब उन्हें घर पर बैठे ही मिल सकेगा। इसके लिए बस उन्हें अटल सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाकर आवेदन ऑनलाइन करना होगा। इसके बाद रेलवे आपका पास घर पहुंचाएगा। ट्रेनों में यात्रा के दौरान दिव्यांगों को मिलने वाली रियायत के लिए अब ऑनलाइन कार्ड ही बनेगा।
रेलवे पास के लिए दिव्यांग यात्रियों को दिल्ली मंडल कार्यालय जाना पड़ता था। मंडल कार्यालय में जाकर ऑफलाइन दस्तावेज जमा कराने होते थे। दूर-दराज के दिव्यांगों को कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
दस्तावेजों की कमी के चलते दिव्यांग यात्रियों को चक्कर काटने पड़ते थे, इसलिए अब दिव्यांगों को रेलवे ने ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा प्रदान की है। दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली सुविधा दिव्यांग यात्रा रेल कार्ड की सहायता से यात्रियों को भारतीय रेलवे की ओर से व्हीलचेयर की सुविधा भी प्रदान की जाती है।
यदि किसी यात्री को स्टेशन से ट्रेन तक पहुंचने के लिए व्हीलचेयर की आवश्यकता होती है तो स्टेशन की ओर से यह सुविधा प्रदान की जाती है। इसके लिए यात्री स्टेशन मास्टर या संबंधित अधिकारी को सूचित कर सकता है। दिव्यांग यात्रियों के लिए सभी कोचों में सीटों का आरक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। इस कार्ड के आधार पर दिव्यांग यात्री ट्रेन टिकटों पर 25 से 75 प्रतिशत तक की छूट पा सकते हैं।
रेल यात्रा कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज
दिव्यांग रेल यात्रा कार्ड बनवाने के लिए ऐसे यात्री के पास विकलांगता का प्रमाणपत्र, जन्म तिथि प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, डीएमसी, पासपोर्ट, आधार कार्ड के साथ नई फोटो आदि दस्तावेज जरूरी है। जोकि आनलाइन फार्म के दौरान आवश्यक होंगे।
दिव्यांग यात्री रियायती रेल यात्रा कार्ड ऑनलाइन भी बनवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें दिल्ली मंडल तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह रियायती रेल यात्रा कार्ड दिव्यांग के लिए लाइफटाइम के लिए एक बार ही बनता है।
सुनील कटारिया, वाणिज्यक अधीक्षक, रेलवे जंक्शन जींद