जींद। शहर के चर्चित ठेकेदार हत्याकांड में जींद पुलिस आरोपी धर्मेंद पहलवान को बुधवार देररात दिल्ली से जींद ले आई। अदालत ने आरोपी को दस दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान अन्य आरोपियों व हत्या के लिए बुलाए गए शूटरों के बारे में पूछताछ की जाएगी। वहीं, श्याम सुंदर के परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र पहलवान ने दिल्ली पुलिस के समक्ष गिरफ्तारी दी है। इससे साफ है कि पुलिस व अपराधियों के बीच साठगांठ चल रही है।
जानकारी के अनुसार पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि धर्मेंद्र पहलवान और बलजीत पोंकरी खेड़ी ने ठेकेदार श्यामसुंदर के भाई पुरुषोत्तम पर गोली चलाकर उसकी हत्या का प्रयास किया था। इस मामले में धर्मेंद्र पहलवान व बलजीत पोंकरी खेड़ी ने मुख्य गवाह श्यामसुंदर को गवाही तोड़ने के लिए कहा था। इस बारे में दोनों मुख्य आरोपियों ने मृतक के परिवार पर कई बार दबाव बनाया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद आरोपियों ने खुद को हत्या के प्रयास के मामले में सजा से बचाने के लिए मुख्य गवाह श्यामसुंदर की हत्या की साजिश रच कर वारदात को अंजाम दिया।
गौरतलब है कि 23 नवंबर को ठेकेदार श्याम सुुंदर की हत्या के बाद से ही मुख्य आरोपी धर्मेंद्र पहलवान फरार चल रहा था। ऐसे में बुधवार सुबह वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दिल्ली पुलिस के कर्मचारी सादी वर्दी में उसे काबू कर निजी कार में ले जा रहे हैं। इसी पर श्याम सुंदर के परिजन सवाल उठा रहे हैं। वहीं इस मामले में पुलिस ने पोंकरी खेड़ी निवासी नरेश को तीन दिन पहले गिरफ्तार किया था। लेकिन उससे पूछताछ के बाद भी जींद पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हुई। हालांकि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जींद के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली में फेसबुक के दोस्त पुलिस अधिकारी ने की गिरफ्तारी
धर्मेंद्र पहलवान की दिल्ली पुलिस के अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी की वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें जिस पुलिस अधिकारी ने धर्मेंद्र पहलवान की गिरफ्तारी की है वह मुख्य आरोपी धर्मेंद्र व बलजीत पोंकरी खेड़ी का फेसबुक पर दोस्त भी है। वहीं धर्मेंद्र पहलवान के परिवार के लोगों पर ही वीडियो लाइव करने के आरोप भी हैं।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी व आरोपी धर्मेंद्र की कॉल रिकार्डिंग निकलवाने की मांग
धर्मेंद्र पहलवान की गिरफ्तारी के प्रकरण पर सवाल उठा रहे मृतक श्यामसुंदर के भाई एडवोकेट विनोद बंसल ने कहा कि दिल्ली पुलिस के जिस अधिकारी ने आरोपी को गिरफ्तार करने का ड्रामा रचा है। दोनों के परिवारों की कॉल डिटेल निकलवाई जाए, ताकि इस मामले में हुई सेटिंग से पर्दा उठ सके। उन्होंने कहा कि उनको आशंका है कि दिल्ली पुलिस का यह अधिकारी हत्या के मामले में रची साजिश में भी शामिल हो सकता है। यह अधिकारी पद का दुरुपयोग कर रहा है। इस मामले की भी बड़े स्तर के अधिकारियों से जांच करवाई जाए। वहीं बंसल के अनुसार जिन लोगों ने वीडियो वायरल किया व कथित गिरफ्तारी की योजना बनाई, उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह सीधे फरार अपराधी की मदद का मामला है।
दस दिन में दो गिरफ्तारी, बाकी आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती
इस हत्याकांड में पुलिस ने दस दिनों में दो ही आरोपियों की गिरफ्तारी की है। जबकि पुलिस ने व्यापार मंडल से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दस दिन का समय मांगा है। इसलिए निर्धारित समय में आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी है।
रिमांड पर की जाएगी शूटरों के बारे में पूछताछ
डीएसपी धर्मवीर खर्ब ने बताया कि इस मामले में रिमांड पर लिए गए मुख्यारोपी धर्मेंद्र पहलवान से पुलिस हत्या के लिए बुलाए गए शूटरों, हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में पता लगाएगी। अभी तक इस मामले में शूटरों समेत लगभग 10 लोगों की गिरफ्तारी होनी बाकी है।