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Jind News: पांडु पिंडारा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, पितरों के लिए किया तर्पण

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फोटो 15जेएनडी10-पांडू-पिंडारा में सोमवती अमावस्या पर पिंडदान करते हुए श्रद्धालु। संवाद
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जींद। सोमवती अमावस्या पर सोमवार को पांडू-पिंडारा (पिंडारा तीर्थ) में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और स्नान कर पितरों के लिए पिंडदान किया। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग बनने से इसका महत्व और बढ़ गया, जिसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
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श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई। पिंडतारक तीर्थ के संबंध में किंवदंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की।
बाद में सोमवती अमावस्या आने पर उन्होंने युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से मान्यता है कि पांडू-पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन अमावस्या, विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान का विशेष महत्व माना जाता है। यहां विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु पिंडदान करने आते हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेले में एम्बुलेंस और चिकित्सा स्टाफ की तैनाती की गई थी जिससे जरूरतमंद श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। वहीं जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा हेल्प डेस्क और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किया गया था, जहां श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की गईं।
वर्जन
इस दिन पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व रहता है। यदि सरोवर या नदी में स्नान नहीं किया जा सकता, तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। सूर्य देव को अर्घ्य दें। यदि उपवास रख सकते हैं, तो अवश्य रखें। पितरों के निमित्त तर्पण और दान अवश्य करें।-पं. नवीन शास्त्री, पुजारी, श्री जयंती देवी मंदिर

फोटो 15जेएनडी10-पांडू-पिंडारा में सोमवती अमावस्या पर पिंडदान करते हुए श्रद्धालु। संवाद

फोटो 15जेएनडी10-पांडू-पिंडारा में सोमवती अमावस्या पर पिंडदान करते हुए श्रद्धालु। संवाद

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