जींद। अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मंगलवार को डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने शहर की अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी में गेहूं के बड़े-बड़े ढेर लगे मिले। इस पर डिप्टी स्पीकर नाराज हो गए। उन्होंने तुरंत उठान की रिपोर्ट मंगवाई। जांच में सामने आया कि हैफेड व वेयरहाउस एजेंसियों ने उठान शुरू नहीं किया।
डिप्टी स्पीकर ने कहा कि सरकार सुविधाएं दे रही है लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। डिप्टी स्पीकर ने वेयरहाउस के डीएम रोहताश दहिया को फोन कर फसल उठान नहीं होने का कारण पूछा तो उन्होंने लेबर की कमी बताई।
इस दौरान आढ़ती और मार्केट कमेटी सचिव ने मंडी में पर्याप्त लेबर होने की बात कही। इसके बाद डीएम ने गेहूं को अहिरका भेजने की बात कहकर मामले को टालने की कोशिश हुई। इस पर डिप्टी स्पीकर ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
इसके बाद भी गुमराह करने का प्रयास किया कि यह गेहूं अहिरका में जाना है। डिप्टी स्पीकर ने कहा, अहिरका लंदन में है क्या जो गेहूं पहुंचाना मुश्किल होगा।
डीएम रोहताश दहिया ने कहा कि अहिरका सांपला में है। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि तुम वहीं रहो। हम जींद को देख लेंगे। तुमको पता नहीं मंडी गेहूं से भर चुकी है और समय रहते तैयारियां पूरी करवानी चाहिए। अपने कर्तव्य की बात नहीं करके गुमराह कर रहे हो। तुम्हारी नीतियों के कारण मंडी में परेशानी पैदा कर सरकार को बदनाम कर रहे हो।
....तो ग्रामीण क्षेत्रों की मंडियों का क्या हाल होगा
वहीं हेफेड का रिकॉर्ड भी संतोषजनक नहीं मिला। एक भी कट्टा गेहूं का उठान दर्ज नहीं था। इस पर हेफेड के डीएम अनुराग गुप्ता को भी फटकार लगाई। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि जब जिला मुख्यालय की मंडी का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों की मंडियों का क्या हाल होगा। अभी तक जींद मंडी से हैफेड ने ही 25000 बैग का उठान करवाया है। इस दौरान मार्केट कमेटी चेयरमैन मनीष गोयल, मार्केट कमेटी सचिव संजीव जांगड़ा भी मौजूद रहे।
किसानों को बारिश और खराब मौसम का डर
किसान खुले में अपनी फसल के पास बैठने को मजबूर हैं। उन्हें बारिश और खराब मौसम का डर सता रहा है। समय पर उठान और भुगतान न होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
यह है मंडी में गेहूं की स्थिति
जिलेभर की अनाज मंडियों में अब तक 60 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से अभी तक साढ़े 15 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। सभी 39 मंडियों में उठान सिर्फ 45 हजार क्विंटल का हुआ। लगभग 15 हजार किसानों ने ही अपनी फसल को बेचा है। अभी तक किसी भी किसान का भुगतान नहीं हुआ है।
जींद के किसान उनके किसान हैं
निरीक्षण में गेट पास व बायोमीट्रिक में डिप्टी स्पीकर को कोई परेशानी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि जींद के किसान उनके किसान हैं। वह अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनको परेशान नहीं होने देंगे। किसान आंदोलन करे तो भी वह उनका ध्यान रखेंगे की वह धरने पर परेशान तो नहीं हैं। अधिकारियों को काम के प्रति अपना रवैया सुधारना होगा।