फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमित दो बुजुर्गों की मौत

विज्ञापन
श्मशान घाट में मृतक का अंतिम संस्कार करते स्वास्थ्य कर्मचारी। - फोटो : Jind
विज्ञापन
जिले में कोरोना वायरस लगातार लोगों की जान ले रहा है। शुक्रवार को भी दो बुजुर्गों की मौत हो गई। वहीं वीरवार को भी दो लोगों की जान गई थी। इससे अब साफ हो गया है कि यदि लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो उन्हें भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। वहीं नए मामलों में शुक्रवार को काफी राहत मिली। शुक्रवार को केवल पांच नए लोग कोरोना संक्रमित मिले। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 38 पहुंच गई। अब तक संक्रमितों का आंकड़ा 2141 पहुंच चुका है। जिले में 1821 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं। जिले में केवल 282 लोग ही ऐसे हैं, जो फिलहाल कोरोना से संक्रमित हैं।
विज्ञापन

सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि शुक्रवार को दो लोगों की मौत हुई है। दोनों पहले ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, लेकिन इनमें कोरोना की पुष्टि हुई है। हाउसिंग बोर्ड निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग काफी दिन से कैंसर से जूझ रहे थे। एक सप्ताह पहले उन्हें गंभीर हालत में हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया था। यहां पर आराम नहीं होने के कारण उनकी कोरोना जांच करवाई गई तो उनमें कोरोना की पुष्टि हुई। शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। सिविल सर्जन ने कहा कि हालांकि बुजुर्ग की मौत कैंसर से हुई है, लेकिन कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के कारण उनकी मौत कोरोना में गिनी जाएगी। वहीं दूसरी तरफ अर्बन इस्टेट निवासी एक 93 वर्षीय बुजुर्ग की भी शुक्रवार को मौत हो गई। यह बुजुर्ग काफी समय से शुगर और हृदय की बीमारियों से पीड़ित थे। उनको भी हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। इसी अस्पताल में जब उनकी कोरोना जांच हुई तो वह पॉजिटिव मिले। सुबह उनकी भी मौत हो गई। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोरोना नियमों के तहत दोनों बुजुर्गों का अंतिम संस्कार करवाया। वहीं जिले में शुक्रवार को केवल पांच लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी की जरूरत
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि इस समय लोग यदि ऐसे ही लापरवाही बरतते रहे तो यह जिंदगियों पर काफी भारी पड़ सकता है। ऐसे लोग जिनको पहले से कोई बीमारी है, उनको विशेष रूप से बचाने की जरूरत है। यदि कोई भी घर में बुजुर्ग हो तो, उसे बाहर बिना किसी कार्य के नहीं निकलना चाहिए। घर के लोगों को भी बुजुर्ग का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हर समय बुजुर्ग व्यक्ति को पीने के लिए गर्म पानी देना चाहिए। इसके अलावा यदि परिवार का कोई भी व्यक्ति को प्रतिदिन घर से बाहर आता-जाता है, उसे बुजुर्ग के संपर्क से दूर रखना चाहिए। डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि यदि लोग सावधानी नहीं बरतेंगे तो स्वास्थ्य विभाग के प्रयास भी असफल हो जाएंगे। यदि जिले के लोग सहयोग करेंगे और कोरोना नियमों का पालन करेंगे तो जिले से कोरोना को खत्म होने में समय नहीं लगेगा।
विज्ञापन

हौसले की अधिक जरूरत
नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एवं फिजिशियन डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति में यदि कोरोना संक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे हौसला नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को निरंतर प्रोत्साहन की जरूरत है। यदि उसकी समय पर काउंसिलिंग की जाए तो वह जल्द ठीक हो सकता है। जल्द घबराने वाले व्यक्ति पर कोरोना ज्यादा हावी होता है। इसलिए परिवार के सदस्यों व खुद मरीज को भी कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि उसका मुकाबला करने के लिए हौसले की अधिक जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें