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शहर में जलभराव की स्थिति जानने सड़क पर उतरे डीसी

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बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति को देखने के लिए वीरवार को डीसी नरेश नरवाल खुद सड़कों पर उतरे। इस दौरान हालांकि सड़कों पर पानी नहीं मिला। इस पर उन्होंने अधिकारियों की पीठ थपथपाई। हालांकि शहर में पार्कों व ग्रीन बेल्ट के अलावा कई कॉलोनियों में बुधवार की बारिश के बाद वीरवार को भी जलभराव की स्थिति बनी रही। इस पर डीसी ने अधिकारियों के काम की सराहना करते हुए और अधिक मेहनत से काम करने को कहा। वहीं वीरवार दोपहरबाद फिर से जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई। पहले से ही जलभराव की स्थिति के बाद अब बाढ़ की स्थिति बन गई है।
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गौरतलब है कि बुधवार दिन में लगातार साढ़े छह घंटे बारिश हुई थी। इसके बाद पूरे शहर में जलभराव हुआ। पानी की निकासी के लिए नगर परिषद के अधिकारी रात भर लगे रहे। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे डीसी नरेश नरवाल निरीक्षण के लिए निकले। उन्होंने नरवाना रोड, रोहतक रोड, भिवानी रोड, रानी तालाब क्षेत्र, सफीदों रोड स्थित सैनी धर्मशाला के साथ लगती कॉलोनी, पटियाला चौक, अर्जुन स्टेडियम का दौरा कर पानी निकासी की तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने दौरे के दौरान रोहतक रोड स्थित बरसाती पानी निकासी के लिए की गई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी निकासी के लिए हर संभव प्रयास करना सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में अधिक भराव है उन क्षेत्रों में पानी निकासी के रेन हायवेस्टिंग सिस्टम स्थापित करवाएं और पंप सैट की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर एसडीएम दलबीर सिंह, जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र जांगड़ा, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता अशोक यादव, नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता सुमित कुमार मौजूद रहे।
लोग बोले साहब छोटी है सीवर लाइन, डीसी ने दिए सफाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान रोहतक रोड पर लोगों ने डीसी नरेश नरवाल से कहा कि यहां सीवर के पाइप कम क्षमता के हैं। ऐसे में पानी देरी से निकल रहा है। इस पर डीसी ने अधिकारियों को सीवर लाइन की सफाई के निर्देश दिए।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के चलते जलभराव की स्थिति बन गई है। जिले के जुलाना, पिल्लूखेड़ा, अलेवा, उचाना व सफीदों खंडों में काफी गांवों में खेतों में जलभरा हुआ है। इससे जहां कपास की फसल खराब होनी शुरू हो गई है, वहीं धान की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
जींद विधानसभा सहित जिले के कई अन्य गांवों से भी लोगों ने फोन खेतों में जलभराव के निर्देश दिए हैं। इसके लिए डीसी से बात हुई और जल्द ही गिरदावरी का काम शुरू होगा। -डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक जींद।
लगातार हुई बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। पहले से ही सरकार की नीतियों के चलते किसान बेहाल है। इस पर मौसम की मार पड़ी है। ऐसे में सरकार को गिरदावरी करवा कर किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए। -सुरेश गोयत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता।
पूर्व जिला पार्षद व किसान नेता अमित मलिक निडानी ने कहा कि जुलाना क्षेत्र सरकार की नीतियों के कारण जलभराव की स्थिति बनी है। यहां हर साल बाढ़ आती है लेकिन सरकार ने पानी निकासी का स्थायी प्रबंध नहीं किया। लोगों के खेतों के साथ-साथ घरों में भी पानी भरा हुआ है। अधिकारी सिर्फ शहरों में पानी निकासी पर जोर दे रहे हैं। इसको लेकर शुक्रवार से क्षेत्र के गांवों का दौरा शुरू किया जाएगा।
गांव मे जलभराव के चलते अब दो नहीं एक समय ही पेयजल सप्लाई आएगी। इसके लिए पंचायत ने गांव में मुनियादी करवाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का पानी गांव में घुस गया है। यदि अधिक पानी सप्लाई होगा तो गंदा पानी भी अधिक आएगा।
पिछले दिनों हुई बारिश के बार खराबे का आंकलन किया गया था। इसमें चार-पांच गांवों में काफी नुकसान था। अब ऑनलाइन सिस्टम बंद हो चुका है। ऐसे में विशेष गिरदावरी की अनुमति ली जाएगी। जिन किसानों ने फसलों का बीमा करवाया है, वे जलभराव पर 72 घंटे में रिपोर्ट अधिकारियों को दें ताकि उनका सर्वे करवाया जा सके। -चंद्रमोहन, जिला राजस्व अधिकारी।
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