हैफेड के सरकारी बिक्री केंद्र पर डीएपी खाद लेने आए किसान।
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जींद। हैफेड के सरकारी बिक्री केंद्र पर डीएपी का स्टॉक खत्म होने से जिले के किसानों को फिर से इसकी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि चार दिन पहले डीएपी का रैक लगा था। जिसमें पुरानी अनाज मंडी स्थित हैफेड बिक्री केंद्र को 2100 कट्टे डीएपी के मिले थे। लेकिन शनिवार को हैफेड ब्रिकी केंद्र का स्टॉक खत्म हो गया। इसमें दर्जनभर किसानों को बिना खाद लिए ही लौटना पड़ा।
हालांकि यह परेशानी सरकारी बिक्री केंद्र पर ही किसानों के लिए पैदा हुई है। इसके अलावा जिले में फिलहाल 1250 टन डीएपी निजी खाद एवं बीज की दुकानों पर है। इन दुकानों पर किसानों को खाद खरीदने में दुकानदारों की लूट का सामना करना पड़ता है। जिन दुकानों पर डीएपी है, वहां पर किसानों को डीएपी के साथ दुकानदारों से गेहूं के बीज के कट्टे लेने पड़ रहे हैं। जो किसान इन दुकानदारों से गेहूं का बीज उनके मन मुताबिक दाम पर नहीं लेता, उनको डीएपी नहीं दिया जाता। यह हाल शहर की मंडियों में डीएपी मिलने वाली दुकानों पर सरेआम देखा जा सकता है। डीएपी लेने की मजबूरी में यह किसान भी इन दुकानदारों के खिलाफ अपनी आवाज भी बुलंद नहीं कर पाते। जिसके चलते इन किसानों की मजबूरी का फायदा दुकानदार डीएपी की आड़ में उठाते हैं। हालांकि पिछले कई दिनों पहले नरवाना व सफीदों में डीएपी की किल्लत के चलते काफी विवाद का सामना प्रशासन को करना पड़ा था। इसके बावजूद भी डीएपी बेचने वाले दुकानदारों पर प्रशासन ने कोई लगाम नहीं लगाई। जिस प्रकार से जिले में किसानों को डीएपी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। उसको देखते हुए प्रशासन को चाहिए कि सभी दुकानदारों के डीएपी का स्टॉक जांचकर उनकी दुकानों से बाहर सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी वितरित करने के लिए लगानी चाहिए।
हैफेड के सरकारी बिक्री केंद्र पर नहीं बचा स्टॉक : चेयरमैन
हैफेड के सरकारी बिक्री केंद्र के चेयरमैन संजय पहल ने बताया कि पुरानी अनाज मंडी स्थित सरकारी बिक्री केंद्र पर डीएपी का स्टॉक शनिवार को खत्म हो गया था। केंद्र पर जितना डीएपी था उसके हिसाब से किसानों की पर्चियां काटकर आधार कार्ड के अनुसार वितरित किया गया।
जिले में 1250 टन डीएपी उपलब्ध
कृषि विभाग जींद के गुणवत्ता नियंत्रक नरेंद्र पाल ने बताया कि जिले में अब तक 150 टन डीएपी उपलब्ध है। हालांकि हैफेड के सरकारी बिक्री केंद्र पर स्टॉक खत्म हो गया। इसके अलावा कई दुकानों पर डीएपी उपलब्ध है। किसानों की जरूरत के अनुसार इन दुकानों से डीएपी किसान लगातार उठा रहे हैं। हालांकि अगले तीन से चार दिन में फिर डीएपी का रैक लगने की उम्मीद है।